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नव तस्करी और सेक्स रैकेट मामले में 24 साल कैद की सजा के फैसले को सोनू पंजाबन ने हाईकोर्ट में दी चुनौती

Wed, 26 Aug 2020 04:28 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सोनू पंजाबन - फोटो : SELF
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मानव तस्करी और सेक्स रैकेट मामले में 24 साल कैद की सजा काट रही दोषी गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है। इस मामले में द्वारका कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रीतम सिंह ने 16 जुलाई को सोनू पंजाबन को 24 साल की कैद की सजा सुनाई थी।

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न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी की एकल पीठ ने बुधवार को सोनू पंजाबन की याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करके जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके बाद पीठ ने मामले में अगली सुनवाई 9 अक्तूबर के लिए सूचीबद्ध कर दी।

सुनवाई में सोनू पंजाबन ने वकील आर.एम. तुफैल और आस्था के माध्यम से इस मामले उसे दोषी ठहराते हुए निचली अदालत के फैसले को टालने की मांग की है। निचली अदालत ने सोनू पंजाबन को अपहरण, मानव तस्करी और दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। इस बीच कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि सोनू पंजाबन ने महिला कहलाने के लिए सभी हदें पार कर दी हैं और वह कठोर सजा की हकदार है।
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उल्लेखनीय है कि नाबालिग लड़की के अपहरण, दुष्कर्म, बाल तस्करी और रैकेट जैसे गंभीर अपराधों में दोषी ठहराई गई सोनू पंजाबन के साथ निचली अदालत ने उसके साथी संदीप बेदवाल को भी 24 साल जेल की सजा सुनाई थी। वहीं इस मामले में कोर्ट ने अन्य आरोपी संदीप को 20 साल की जेल की सजा सुनाई थी। इस फैसले के साथ सोनू पंजाबन पर 64 हजार रुपए का जुर्माना और संदीप बेदवाल पर 65 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था।

अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि पीड़ित बच्ची ने इन अभियुक्तों की कैद में जो बर्दाश्त किया वह असहनीय था। यह मासूम बच्ची स्कूल जाने और खेलने की उम्र में ना जाने कितनी जगह बेची गई। कितनी बार दुष्कर्म का शिकार हुई। 

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