नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कुख्यात सोनू पंजाबन उर्फ गीता अरोड़ा और उसके सह-आरोपी संदीप बेदवाल को एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की की मानव तस्करी के मामले में दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने दोनों की सजा को रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति चंद्रशेखरन सुधा की एकल पीठ ने आरोपी पक्ष की अपीलों पर सुनवाई करते हुए कहा कि पीड़िता की गवाही में अंतर्विरोध और असंगतियां पाई गई हैं। कोर्ट ने पीड़िता के आचरण को भी उसकी विश्वसनीयता पर संदेह का कारण बताया।
ट्रायल कोर्ट ने वर्ष 2020 में गीता अरोड़ा को इस मामले में 24 वर्ष की जेल की सजा सुनाई थी, जबकि संदीप बेदवाल को 20 वर्ष की सजा हुई थी। दिल्ली पुलिस द्वारा जांच किए गए इस मामले में दोनों पर नाबालिग लड़की के अपहरण, मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति में धकेलने के आरोप लगे थे। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता की गवाही पर भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए दोनों आरोपियों को सभी आरोपों से बरी किया जाता है। सोनू पंजाबन दिल्ली के कथित बड़े सेक्स रैकेट से जुड़ी रही हैं और पहले भी कई विवादास्पद मामलों में उनका नाम आ चुका है।