बवाना के दरियापुर कलां गांव में एक जमाने में भूपेंद्र उर्फ मोनू दरियापुर और सत्यवान उर्फ सोनू दरियापुर की आपराधिक जोड़ी काफी चर्चे में रही थी। दोनों पर जमीन कब्जाने, मारपीट व कई संगीन मामले दर्ज हुए थे। (सभी फोटोः अमर उजाला)
भूपेंद्र को लगी 6 गोलियां
2 of 8
दोनों काफी अच्छे दोस्त थे, लेकिन मोनू के सोनू की ममेरी बहन से प्यार करने के बाद इनकी दोस्ती में दरार आ गई। सोनू इसके बाद मोनू की जान का दुश्मन बन गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोनू की पत्नी राज पंजाबी बाग के मदन पार्क में रहती थी।
3 of 8
mianwali shootout
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2005 में वह अपनी बुआ के बेटे सत्यवान उर्फ सोनू दरियापुर की शादी में बवाना के दरियापुर कलां गई थी। जहां उसकी मुलाकात भूपेंद्र उर्फ मोनू से हुई।
4 of 8
mianwali shootout
- फोटो : अमर उजाला
मुलाकात प्यार में बदल गया और दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। दोनों परिवार को इस शादी से कोई एतराज नहीं था लेकिन सोनू इस शादी के खिलाफ था। उसने भूपेंद्र को शादी करने से मना किया। (फोटो में भूपेंद्र के पिता और भूपेंद्र)
5 of 8
mianwali shootout
- फोटो : अमर उजाला
बावजूद वर्ष 2006 के अक्तूबर में भूपेंद्र अपनी होने वाली पत्नी को लेकर शादी करने के लिए आर्य समाज मंदिर जा रहा था। इंडिका कार को उसका दोस्त ब्रह्म सिंह चला रहा था। जबकि उसकी बगल वाली सीट पर सुनील बैठा था।
विज्ञापन
6 of 8
mianwali shootout
- फोटो : अमर उजाला
रामपुरा श्मशान घाट के नजदीक कार और बाइक पर सवार होकर आए हमलावरों ने कार को रोककर उस पर फायरिंग कर दी। भूपेंद्र को छह गोली लगी, जबकि सुनील के पैर और ब्रह्म सिंह के सिर में गोली लगी। (मृत एएसआई विजय)
7 of 8
mianwali shootout
- फोटो : अमर उजाला
गोलीबारी में भूपेंद्र की होने वाली पत्नी को दो गोली लगी। इलाज के दौरान ब्रह्म सिंह की मौत हो गई। इलाज करवाने के बाद भूपेंद्र ने 20 अगस्त, 2007 को राज से शादी कर ली। सोनू दरियापुर को 2008 में केशवपुरम में गिरफ्तार कर लिया गया।
वर्ष 2009 में सोनू को 15 दिन का पैरोल मिला। जेल से निकलने के बाद उसने भूपेंद्र उर्फ मोनू के भाई सुधीर की हत्या कर दी। उसके बाद से फरार है। सोनू दिल्ली पुलिस का वांछित अपराधी है और पुलिस ने गिरफ्तारी पर एक लाख का इनाम घोषित कर रखा है। (मृत एएसआई विजय और उनकी गमगीन पत्नी)