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सोनिया ने भी उड़ाया मोदी और केजरीवाल का मजाक

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी दिल्ली चुनाव में पहली बार रविवार को मोर्चे पर उतरीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल पर भी सीधा हमला किया।
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सोनिया गांधी ने कहा कि देश नारों से नहीं चलता। देश निर्माण की भावना, लगन, संघर्ष और समर्पण से चलता है, जो कि विरोधी दलों में नहीं है। रैली में आठ विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों को मंच पर बुलाकर उनका परिचय भी कराया गया।

बदरपुर की रैली में सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी को जहां उनके चुनावी वादे पूरे नहीं होने पर घेरा, वहीं अरविंद केजरीवाल को सरकार छोड़कर भागने और धरना देने वाला कहकर कटाक्ष किया।
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उन्होंने नरेंद्र मोदी के प्रचारक होने पर कटाक्ष किया तो अरविंद केजरीवाल को धरनेबाज बताया। कहा, एक पार्टी में अगुवा प्रचारक हैं जो सिर्फ प्रचार करते रहते हैं तो दूसरी तरफ धरनेबाज हैं जो धरना देते रहते हैं।
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क्या हुआ लंबे चौड़ वादों का

सोनिया गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने कितने लंबे-चौड़े वादे किए थे, उन वादों का क्या हुआ? कहां है वह काला धन, जिससे हर नागरिक को 15-15 लाख रुपये दिए जाने थे, कहां है वह रोजगार जो हर युवक को मिलना था और कहां हैं वे कदम जिनसे महंगाई कम होनी थी।

केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए कहा, हमने अच्छे शासन के लिए समर्थन देकर सरकार बनवाई, लेकिन दो महीने से पहले ही सरकार छोड़कर भाग गए।

मैं पूछना चाहती हूं क्या इन्हें भ्रष्टाचार-महंगाई रोकने के कदम नहीं उठाने चाहिए थे, बिजली-पानी सस्ता करने का रास्ता नहीं निकालना चाहिए था। ये सब उनके वादे ही तो थे। ऐसी राजनीति करने वालों से सावधान रहने की जरूरत है।

भाजपा पर निशाना साधते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि एक पार्टी के सरकार छोड़कर भागने पर चुनाव कराने की बजाय टालती रही। दिल्ली को अपने हाल पर छोड़ दिया।

पिछले एक साल में कानून व्यवस्था बिगड़ी और महिलाओं पर अत्याचार के मामले बढ़े। दिल्ली की इस हालत के लिए न सिर्फ वे लोग जिम्मेदार हैं जो आपको छोड़कर चले गए, बल्कि वो भी जिम्मेदार हैं जिन्होंने राष्ट्रपति शासन की आड़ में खुद ही सरकार चलाई।

सोनिया गांधी ने यूपीए सरकार में बनाए गए कानून को कमजोर करने का आरोप मोदी सरकार पर लगाया। उन्होंने कहा कि जनता की भलाई के लिए जो कानून बनाए थे, उसे भी मोदी की सरकार कमजोर कर रही है।

किसानों की चिंता जताई

खाद्य सुरक्षा कानून में ऐसे बदलाव लाने का प्रयास कर रही है, जिससे इसका फायदा 70 फीसदी के बजाय 40 फीसदी को ही मिलेगा। किसानों को उपज की सही कीमत मिलना तो दूर, बीज-खाद भी नहीं मिल रहा है। साथ ही अध्यादेश लाकर किसी की भी जमीन कब्जा करने का रास्ता खोल दिया है।

सोनिया गांधी ने कहा कि हमारी सरकार ने आरटीआई का हथियार देकर भ्रष्टाचार को दूर करने का काम किया था, मोदी सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। भूमि अधिग्रहण कानून का भी कुछ ऐसा ही हाल है।

यही हैं अच्छे दिन केखोखले वादों कहानी। अब अगर दिल्ली में मौका दे दिया तो ये आपका क्या हाल करेंगे? इसके बारे में आपको सोच समझकर फैसला करना है।

सोनिया गांधी ने सत्ता के लिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हम विश्वभर में मिली-जुली संस्कृति और तहजीब के लिए जाने जाते हैं, लेकिन कुछ लोग सत्ता में आने के लिए विकासपुरी और त्रिलोकपुरी जैसी घटनाओं का अंजाम देते हैं। अगर हमें आपसी भाईचारे की भावना सुरक्षित रहनी है तो ऐसी ताकतों को शिकस्त देनी होगी जो वोट के लिए ऐसी राजनीति करते हैं।
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सोनिया ने की पूर्व पीएम व पूर्व सीएम की तारीफ

कांग्रेस अध्यक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की तारीफ करके बाकी नेताओं को संदेश देने की कोशिश की है।

सोनिया गांधी ने कहा कि यूपीए सरकार ने डॉ. मनमोहन सिंह की अगुवाई में कई ऐतिहासिक कदम उठाए। महिला अपराध कम करने के लिए कड़े कानून बनाए, सरकारी कर्मचारियों को छठा वेतन आयोग दिया तो खाद्य सुरक्षा कानून बनाकर गरीबों का लाभ दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जब 15 साल पहले भाजपा की सरकार थी तो बिजली, पानी का बुरा हाल था।

यातायात का हाल आपको याद होगा। शीला दीक्षित की अगुवाई में 15 साल के कार्यकाल में दिल्ली को बेहतरीन शहर बनाया। सरकार ने चौड़ी-चौड़ी सड़कें बनवाईं, मेट्रो चलाई, फ्लाईओवर बनाए, चौबीस घंटे बिजली दी और झुग्गी वालों के लिए मकान देने की योजना शुरू की। यही नहीं, 895 कालोनियां नियमित की।
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