वांगचुक ने किया रेलवे पर गर्व
वांगचुक ने एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में ये बातें कही। यह संदेश उन्होंने लद्दाख यात्रा के दौरान दिया। उन्होंने दिल्ली से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन से यात्रा की। चेनाब रेल पुल पार करने सहित इस यात्रा को उन्होंने बहुत सुंदर अनुभव बताया। वांगचुक ने भारतीय रेलवे पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह और उनकी टीम लद्दाख जाने से पहले कश्मीर में एक दिन बिताएंगे। परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से लाए गए इस विधेयक पर उन्होंने खुशी जताई। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सुधार केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा में भी होगा।
सरकार से अपील
वांगचुक ने सरकार से आंदोलन समाप्त होने के बाद उनसे और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से किए गए समझौतों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार ने लिखित में आश्वासन दिया था कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही, उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाएगी। वांगचुक ने सरकार से इन प्रतिबद्धताओं पर दृढ़ रहने का आग्रह किया। उन्होंने देश में, विशेषकर युवा पीढ़ी के बीच विश्वास का माहौल बनाने की बात कही।
विश्वास का महत्व
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार और युवाओं के बीच विश्वास आवश्यक है। यह विश्वास एक "महान राष्ट्र और महान भारत" के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है। वांगचुक की यह अपील ऐसे समय में आई है जब सीजेपी लगातार मांग कर रहा है। सीजेपी चाहता है कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज न हो। ये छात्र और प्रदर्शनकारी सार्वजनिक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशव्यापी आंदोलन में शामिल थे।
सीजेपी की मांगें
सीजेपी ने सरकार से सभी लंबित मामलों और प्राथमिकियों को वापस लेने का लिखित आश्वासन भी मांगा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इन प्रतिबद्धताओं का सम्मान नहीं किया गया। तो वे अपने विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू कर सकते हैं। यह मांग छात्रों के भविष्य और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए की जा रही है। सीजेपी का मानना है कि सरकार को अपने वादों पर खरा उतरना चाहिए।