जिले की स्पेशल स्टाफ के निरीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आस पास के सीसीटीवी कैमरे की छानबीन की। घर के बाहर निकलने वाले गेट के कुछ दूरी पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रविवार रात साढ़े 11 बजे दो संदिग्ध को मृतक के घर से बाहर निकलते देखा गया। साथ ही एक युवक को सड़क पर देखा गया। संदिग्धों की पहचान के लिए मृतक के परिजनों से पूछताछ की गई। मृतक के नाबालिग बेटे की संदिग्ध गतिविधि पर पुलिस को शक हुआ। उसका कद काठी फुटेज में दिख रहा एक संदिग्ध से मिलती-जुलती पाई गई।
पूछताछ में वह लगातार बयान बदल रहा था। पुलिस से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसके पिता शराब पीने के आदी थी। उसकी मां और बहन घरेलू सहायिका बनकर घर का खर्चा चला रही थी। पिता शराब खरीदने के लिए पैसे के लिए उन्हें परेशान करते थे। मना करने पर उनकी पिटाई कर देते थे। तीन चार दिन पहले रात के समय पिता ने उनकी पिटाई कर दी थी। अगले दिन सुबह वह उसकी मां और बहन पिता को अकेले छोड़कर अपने चाचा के घर चले गए थे।
पिता की हत्या नहीं बल्कि पिटाई कर समझाना था मकसद
नाबालिग ने पूछताछ में बताया कि उनका मकसद पिता की हत्या करना नहीं था बल्कि पिटाई कर उन्हें समझाना था। उसने कहा कि 13 नवंबर की शाम वह अपने मकान मालिक जितेश गुप्ता के पास गया और अपने पिता की हरकत के बारे में बताया। उसने अपने मकान मालिक से पिता के उत्पीड़न से बचाव का तरीका सोचने के लिए कहा ताकि इसका समाधान हो सके। जितेश ने नितिन और आदित्य को बुलाया और नाबालिग की मदद करने के लिए कहा। मकान मालिक ने उन्हें बेसवॉल का बैट और एक डंडा दिया और नाबालिग के पिता की पिटाई कर उसे समझाने के लिए कहा। उसने बताया कि रात करीब 11.30 बजे वह आदित्य और नितिन के साथ अपने घर गया। जहां वह बाहर खड़ा रहा। जबकि दोनों घर के अंदर गए। नाबालिग के पिता नशे की हालत में चारपाई पर पड़े थे। उन्होंने बेसबॉल बैट और डंडे से उनकी पिटाई करने लगे। मृतक दोनों से भिड़ गए। इस दौरान उनके सिर और नाक पर चोट लगी और खून निकलने लगा। वह बिस्तर से नीचे गिर गए। सुबह जब परिवार वाले आए तब तक उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने नाबालिग के निशानदेही पर मकान मालिक जितेश गुप्ता और दोनों आरोपी आदित्य और नितिन को गिरफ्तार कर लिया है।