वृद्धा सास को महिला आयोग ने छुड़ाया
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बेरहम बहू द्वारा 95 वर्षीय सास को घर में कैद कर उसके साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। बहू ने सास की हालत काफी दयनीय बना रखी थी। दिल्ली महिला आयोग की मदद से बेटे ने मां को पत्नी की कैद से छुड़वाया। मदद के लिए बेटे ने आयोग की हेल्पलाइन 181 पर शिकायत की थी। बुजुर्ग महिला की हालत गंभीर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आयोग की हेल्पलाइन पर बेटे ने शिकायत की थी कि उसकी पत्नी ने सुसराल में उनकी मां को कैद किया हुआ है और उनके साथ मारपीट की जा रही है। आयोग से गुहार लगाई कि मां को बचाया जाए और पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बेटे ने आयोग को बताया कि लगभग तीन महीने से वह अपनी मां को देख नहीं पा रहा है। शादी करने के बाद से ही पत्नी के साथ वैवाहिक विवाद चल रहा है। शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्हें मां से मिलने के लिए स्थानीय पुलिस से मदद लेने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि पत्नी घर में प्रवेश करने नहीं देती।
बेटे ने आयोग को बताया कि सहयोग लेने का विचार तब आया, जब उन्होंने एक समाचार में पढ़ा कि आयोग ने भाई की कैद में दो साल तक रही 50 वर्षीय एक महिला को बचाया था। बेटे की शिकायत के बाद आयोग की टीम ने पत्नी के घर में प्रवेश करने का प्रयास किया।
जहां शुरुआत में उन्हें प्रवेश नहीं मिला। हालांकि आयोग की टीम द्वारा समझाने के बाद इस शर्त पर घर में प्रवेश की अनुमति दी कि उनके पति एक लिखित बयान देंगे कि घर से अपनी मां को ले जाने के बाद वह फिर कभी घर में वापस नहीं आएंगे।
आयोग की टीम ने पाया कि महिला की हालत दयनीय थी। उन्हें पतले कपड़े से ढका हुआ था। बीमार बुजुर्ग को हालत गंभीर होने के कारण अस्पताल ले जाया गया। गंभीर संक्रमण के कारण उनका इलाज चल रहा है। बेटा और पोती उनकी देखभाल कर रही है।
आयोग की सदस्य वंदना सिंह ने बुजुर्ग महिला का हाल जानने के लिए शुक्रवार को उनसे मुलाकात की। आयोग की अध्यक्ष स्वाति जयहिंद ने कहा कि आयोग बुजुर्ग के पुनर्वास का इंतजाम करेगा। उन्होंने जनता से अपील की है कि यदि वह किसी बीमार महिला को देखते हैं तो मदद के लिए आयोग की हेल्पलाइन 181 पर संपर्क करें।