दिल्ली की द्वारका अदालत ने 2012 में नीलम (24) की हत्या के मामले में दक्षिण पश्चिम दिल्ली निवासी उसके जेठ सुंदर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने उस पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। चश्मदीद गवाह और दोषी सुंदर की मां के बयान को आधार बनाकर अदालत ने यह फैसला सुनाया। मां ने कहा था कि सुंदर अपने छोटे भाई की पत्नी पर बुरी नजर रखता था।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 3 अप्रैल 2012 की रात नीलम कमरे में अकेली थी। सुंदर ने कमरे में घुसकर उससे दुर्व्यवहार किया। जब नीलम पुलिस से शिकायत करने के लिए सास के साथ घर से निकली तो सुंदर ने डंडे से हमलाकर उसकी हत्या कर दी।
विरोध करने पर सुंदर ने मां पर भी हमला कर दिया। अदालत ने सुंदर को मां से मारपीट करने व चोट पहुंचाने का भी दोषी माना। अदालत ने कहा कि मामले में चश्मदीद गवाह मां ने प्रत्यक्ष व एक समान बयान दिया है।