नई दिल्ली के बवाना थाने की इमारत से कूदकर जान देने वाले बलराज के बेटे का आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिसकर्मियों ने उसके पिता की पीटकर हत्या की है और फिर शव को दूसरी मंजिल से फेंककर खुदकुशी का मामला बनाने की कोशिश की गई है। उसने पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करने की मांग की है। ताकि आरोपियों को सजा मिल सके। हालांकि पुलिस ने उसके आरोप को निराधार बताया है।
बलराज के बेटे सुनील ने बताया कि उसके परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई व एक बहन है। मां राजरानी फैक्टरी में काम करती है। रविवार को पुलिसकर्मी उसके घर आए थे। उस समय वह किसी काम से बल्लभगढ़ गया था। पिता के साथ उसकी मां और जीजा थाने गए थे। पिता से पुलिसकर्मियों ने अकेले में पूछताछ की।
शाम सात बजे पिता ने उसे फोन कर बताया कि पुलिस वाले तुम्हें थाने आने के लिए कहें तो बिल्कुल नहीं आना। उन्होंने मुझे बुरी तरह से पीटा है। वह राहुल के बारे में पता करने की कोशिश कर रहे हैं। रात करीब आठ बजे सुनील ने अपने पिता को फोन किया, लेकिन फोन स्वीच ऑफ था।
कुछ देर बाद पता चला कि पिता की थाने की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई है। सुनील का आरोप है कि उसके पिता की मौत पुलिसकर्मियों के टार्चर की वजह से हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कर रहे एसडीएम को थाने का सीसीटीवी फुटेज मुहैया करवाया गया है, जिससे असलियत सामने आ जाएगी।