आम आदमी पार्टी की ओर से उपराज्यपाल वीके सक्सेना को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। इस सिलसिले में आप नेता उन पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। आप ने अब उनकी अध्यक्षता वाले डीडीए में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया है। आप विधायक व डीडीए के सदस्य सोमनाथ भारती ने खुलासा किया है कि पीएम उदय योजना में रजिस्ट्री के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत ली जा रही है। डीडीए में भ्रष्टाचार करके दिल्ली की जनता के साथ ठगी हो रही है। इस कारण उपराज्यपाल को अपने पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सोमनाथ भारती ने सोमवार को पार्टी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि डीडीए और दिल्ली पुलिस उपराज्यपाल के तहत है और उनमें भ्रष्टाचार रोकने की प्रमुख जिम्मेदारी उनकी है। डीडीए में बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। पीएम उदय योजना में दिल्ली वालों को ठगा जा रहा है। रजिस्ट्री कराने के लिए एक रेट लिस्ट दे दिया गया है, जिसमें 100 स्क्वायर मीटर से कम जमीन पर 800 रुपये कॉस्ट लगेगा, जबकि 100 स्क्वायर मीटर से ज्यादा और 250 स्क्वायर मीटर से कम होगा तो एक हजार रुपया लगेगा। वहीं 250 स्क्वायर मीटर से ज्यादा पर ढाई हजार लगेगा, जिसमें से एक व्यक्ति के यहां 41 स्क्वायर मीटर का कॉस्ट जीएसटी और एसजीएसटी लगाकर 2950 रुपया बताया है, जबकि 800 रुपया लगना चाहिए, लेकिन तीन हजार रुपया लग रहा है। इसमें बड़ा घोटाला यह है कि तीन हजार रुपये देने के बाद भी काम नहीं हो रहा है। संबंधित व्यक्तियों से कम से कम एक लाख रुपये अतिरिक्त डीडीए मांग रहा है। ऐसे मामलों में डीडीए के दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।
सोमनाथ भारती ने कहा कि डीडीए की ओर से ऑन रिकॉर्ड दी गई जानकारी के अनुसार 15 हजार रजिस्ट्री पेपर दिए हैं। मतलब आठ लाख घरों में से सिर्फ 15 हजार को तीन साल में रजिष्ट्री पेपर दिए हैं। इस तरह प्रधानमंत्री की विशाल योजना में पांच हजार घर एक साल में और आठ लाख घर 160 साल में रजिस्ट्री होगी।
उन्होंने उपराज्यपाल से पूछा कि वह डीडीए के चेयरमैन है और इतने बड़े भ्रष्टाचार का दायित्व उनके ऊपर नहीं आता है? क्या इसकी सीबीआई जांच नहीं होनी चाहिए? इन सारे सवालों का जवाब उनको देना चाहिए। वह एक तरफ ऐसे मसलों को सीबीआई के सामने भेजते हैं जिनको अमलीजामा नहीं पहनाया गया है।