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कहीं सपा और आप में तालमेल तो नहीं है

Sun, 15 Feb 2015 01:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को शपथ लेने के बाद जब ये कहा कि अब वे पांच साल तक दिल्ली की ही सेवा करेंगे और अन्य प्रदेशों में होने वाले चुनाव में भाग नहीं लेंगे तो सपाइयों में खुशी की लहर दौड़ गई।
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हालांकि जानकार बताते हैं कि पहला अहसान तो समाजवादी पार्टी (सपा) ने दिल्ली में चुनाव न लड़कर आम आदमी पार्टी (आप) पर किया है। उसी के चलते उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी चुनावों में ‘आप’ मैदान में नहीं होगी।

दरअसल, दिल्ली में समाजवादी पार्टी के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाग न लेने कका पूरा फायदा ‘आप’ को मिला था। यह बात ‘आप’ के रणनीतिकार भी मानते हैं कि सपा मैदान में होती तो चुनाव में इतना समर्थन नहीं मिलता।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही सपा और ‘आप’ के शीर्ष नेताओं की बैठक होने वाली है। उत्तर प्रदेश में सपा की बहुमत वाली सरकार है।

कांग्रेस से सपा को कोई खतरा नहीं है लेकिन भाजपा और बसपा से सीधी टक्कर होगी। चुकी दिल्ली में भाजपा का विजय रथ ‘आप’ ने रोका है। ऐसे में अगर उसकी तरफ से सहयोग मिल जाएगा तो सपा का रास्ता आसान हो सकता है।
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