दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के क्षेत्र में कोई भी संपत्ति धारक कर देने से नहीं बच पाएगा। अब ऐसी संपत्तियों का ब्योरा विभाग को तुरंत मिल जाएगा। निगम ने शुक्रवार से लोगों को उनकी संपत्ति का यूनीक आईडी कार्ड देने की शुरुआत करने के साथ अपने क्षेत्र में कर जमा करने वालों का ब्योरा तैयार कराना शुरू कर दिया है और। इससे टैक्स जमा करने वालों को इसका रिकॉर्ड सहेज कर रखने की कोई जरूरत नहीं रहेगी।
सिविक सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में महापौर सुभाष आर्य ने यूनीक प्रॉपर्टी आईडी कार्ड सेवा का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि मौजूदा प्रॉपर्टी टैक्स सॉफ्टवेयर से लोग एक ही संपत्ति की अनेक आईडी बनवा लेते हैं। इसके चलते उनके बारे में ब्योरा एकत्रित नहीं हो पाता।
मगर अब यूनीक कोड द्वारा आसानी से पता चल जाएगा की संपत्ति किस क्षेत्र में है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले यूनीक कोड उन संपत्तियों को दिया जाएगा, जिनका टैक्स जमा कराया जा रहा है। इसके बाद सभी संपत्तियों को यह यूनीक नंबर दिया जाएगा।
कार्यक्रम में स्थायी समिति के अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा ने बताया कि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में करीब 16 लाख संपत्तियां है लेकिन लगभग चार लाख संपत्तियों से ही टैक्स मिल रहा है। सभी संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाने के लिए यूनीक कोड देने का निर्णय किया है।
सदन के नेता आशीष सूद ने कहा कि आज नागरिकों को अधिकांश सुविधाएं माउस के एक क्लिक पर प्रदान करने की जरूरत है। निगम इसके लिए प्रयास कर रही है। लोगों को इसकी जानकारी देने के लिए एक हेल्प डेस्क भी स्थापित करेगा।
इसी के साथ एक ऑनलाइन सुविधा का भी विकास किया जा रहा है, जिससे लोगों को अपने पहले के वर्षों के भुगतान का विवरण उपलब्ध होगा। इस अवसर पर उपमहापौर कुलदीप सोलंकी, उच्चाधिकार प्राप्त संपत्ति कर समिति की अध्यक्ष कुसुम खत्री भी उपस्थित थीं।