समाधान दिवस पहले ही दिन फीका रहा। प्रचार प्रसार के अभाव में पहले दिन उम्मीद के मुताबिक फरियादी समाधान दिवस में नहीं आए। जनपद के 13 थानों में महज 65 शिकायतें आईं, जिनमें से 27 का निस्तारण किया गया और 38 मामलों को कार्रवाई की गई।
इनमें भी अधिकांश मामले संपत्ति विवाद के थे। सबसे ज्यादा 16 शिकायतें लोनी और सबसे कम दो शिकायतें भोजपुर और कविनगर थाने में आईं।
डीआईजी ने लिंक रोड और एसएसपी ने सिहानी गेट, नगर कोतवाली, कविनगर और विजय नगर थानों का निरीक्षण किया।
इसके अलावा देहात में एसपी देहात और सीओ और शहर में एसपी सिटी, सीओ प्रथम, सीओ द्वितीय और प्रशासनिक अधिकारी भी समाधान दिवस में मौजूद रहे। उम्मीद की जा रही है कि अगली बार जुलाई के पहले शनिवार को होने वाले समाधान दिवस में ज्यादा जनता पहुंचेगी।
क्या है समाधान दिवस
समाधान दिवस के माध्यम से पुलिस और जनता के बीच की खाई पाटने के लिए थानों में पंचायतें लगेंगी। दोनों पक्षों की सुनवाई में सुलह होने पर सुलहनामा जीडी में दर्ज किया जाएगा। ये समाधान दिवस माह के पहले और तीसरे शनिवार को सुबह 10 से दोपहर दो बजे लगेगा।
इसमें पुलिस अधिकारियों के अलावा प्रशासनिक, विकास प्राधिकरण, राजस्व और नगर निगम के अफसर पर भी मौजूद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले थानों में थाना दिवस का आयोजन होता था। इसी का नाम बदलकर समाधान दिवस रखा गया है।
थानों में फिर से शुरू हुआ शिकायत सेल
एसएसपी के आदेशों पर सभी थानों में शिकायत सेल एक बार फिर शुरू कर दिया गया है। लोग सीधे जाकर अपनी शिकायत इस सेल में दर्ज करा सकते हैं। शिकायत सेल थाने के रिसेप्शन की तरह काम करेगा। यहां महिला कांस्टेबलों की तैनाती की गई है। इस सेल को पिछले दिनों बंद करा दिया गया था।