इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्ध आतंकियों ने अपनी साजिशों को अंजाम देने के उद्देश्य से संगठन के सह संस्थापक रियाज भटकल सहित एक दूसरे के साथ संवाद के लिए फेसबुक जैसी सोशल साइट और ईमेल आदि का उपयोग किया। दिल्ली पुलिस ने अदालत को यह जानकारी दी है।
पटियाला हाउस अदालत में राजधानी में अवैध हथियार फैक्टरी मामले में हाल ही में दायर पूरक आरोपपत्र में दी जानकारी में पुलिस ने कहा कि आतंकियों ने पूछताछ के दौरान निम्बुज, याहू, पालटाक, जीमेल और फेसबुक आदि के उन कई पतों (आईडी) के बारे में बताया जिनका उपयोग उन्होंने संवाद तथा बातचीत करने, कूट फाइलों का आदान प्रदान करने तथा अलग अलग जगहों से अलग अलग समय पर फर्जी दस्तावेज भेजने के लिए किया था।
पुलिस ने हालही में संदिग्ध इंडियन मुजाहिदीन के 6 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया था। पुलिस ने यह भी दावा किया कि ये आरोपी अक्सर फर्जी आईडी का उपयोग करते थे और अपनी असली लोकेशन छिपाने के लिए अपने कंप्यूटरों में छद्म सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करते थे।
दिल्ली पुलिस ने पूरक आरोपपत्र में किया खुलासा
पुलिस ने अपने पूरक आरोपपत्र में यह खुलासा किया है जिसमें उसने आईएम के संदिग्ध जिया उर रहमान, तहसीन अख्तर, मोहम्मद वकार अजहर, मोहम्मद मरूफ, मोहम्मद साकिब अंसारी और इम्तियाज आलम पर आरोपी के तौर पर अभियोग लगाया है। इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपपत्र में इन लोगों के नाम गैरकानूनी गतिविधियां निरोधक कानून, विस्फोटक पदार्थ कानून, शस्त्र कानून और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत दंडनीय अपराधों के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं। यह आरोपपत्र यहां एक अवैध शस्त्र फैक्ट्री कथित तौर पर स्थापित करने संबंधी मामले के सिलसिले में दाखिल किया गया है।
पुलिस ने नवंबर 2011 में बाहरी दिल्ली स्थित नांगलोई के मीर विहार इलाके में एक अवैध शस्त्र फैक्ट्री का पता लगाया था और दावा किया था कि मौके से आईईडी विस्फोटक पदार्थ, हथियारों सहित भारी मात्रा में गोला बारूद बरामद किया गया था।