लोकसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार की सियासत तेज हो गई है। इसमें भिन्न-भिन्न राजनीतिक पार्टी के समर्थक दूसरे दलों के गलत आंकड़े पोस्ट करने और अफवाह फैलाने का काम कर रहे हैं। इन्हीं अफवाहों ने आप-बीजेपी की आपसी लड़ाई में बुधवार को घी का काम किया है।
विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक आम लोगों की अभिव्यक्ति के बेहतरीन माध्यम का उपयोग अब अलगाव फैलाने के लिए कर रहे हैं। जो कि विभिन्न दलों समर्थकों के बीच अंदरूनी दुश्मनी को जन्म दे रहा है।
इसके ताजा परिणाम बुधवार को हुई बीजेपी-आप समर्थकों की लड़ाई के रूप में निकल कर आए हैं। इस लड़ाई को बढ़ावा देने वाला एक पहलू फेसबुक पर किया गया दुष्प्रचार भी है।
पप्पू, फेंकू और पलटू का वार
सोशल साइट पर भाजपा समर्थकों की ओर से की गई अनेक पोस्टों में कार्यकर्ताओं के गंभीर रूप से घायल होने और इसका जवाब देने के लिए पार्टी कार्यालय पहुंचने का आग्रह किया गया।
वहीं आप समर्थक की ओर से डाली गई पोस्ट में विधायकों के गंभीर होने की बात कही गई। इस तरह की तमाम पोस्टों ने लड़ाई को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई।
चुनावों के ऐलान के तुरंत बाद फेसबुक, ट्विटर सहित अन्य सोशल साइट पर बुधवार को पप्पू, फेंकू और पलटू के पोस्ट की बाढ़ आ गई।
यहां भी चल रही फिक्सिंग!
सोशल साइट्स पर चल रही इन पोस्ट में पप्पू को बुद्धु, फेंकू को फर्जी और पलटू को भगोड़ा साबित किया गया। कारण सिर्फ एक सोशल साइट यूजर्स को लोकसभा चुनावों से पहले अपने पाले में करने की है।
सोशल मीडिया पर आयी दुष्प्रचार की इस तेजी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि भाजपा समर्थक पेज की ओर से महज छह घंटे में 20 से अधिक पोस्ट की गई है।
वहीं आप समर्थकों ने ट्विटर अकाउंट से इतने ही समय में करीब सौ ट्वीट किए गए हैं। कांग्रेस समर्थक भी अन्य पार्टियों को भला-बुरा कहने में पीछे नहीं हैं। ऐसे में सोचने वाली बात है कि करीब एक माह पहले ये हाल है तो चुनाव नजदीक आने पर सोशल साइट्स की क्या स्थिति होगी।