गंदे पानी की वजह से हर साल 2 लाख लोगों की मौत हो जाती है। सैकड़ों लोग बीमार पड़ जाते हैं। इस आंकड़े को कम करने का जिम्मा डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक यूनिवर्सिटी के कलाम सेंटर ने उठाया था। इसके तहत सेंटर के साइंटिस्ट ने कई तरह के गेम्स तैयार किए हैं। जिसका उद्देश्य नदियों के पानी को पीने योग्य बनाना है।
प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले बच्चों को टारगेट किया गया है। कलाम सेंटर के सीईओ डॉक्टर सृजन पाल सिंह ने बताया पानी को कैसे साफ बनाया जाए, कौन से पौधे पानी को साफ करने में मददगार होते हैं, सीवेज कचरे का इलाज न करने के दुष्परिणाम, घरेलू कचरे से होने वाले नुकसान समेत कई चीजों के बारे में गेम्स के जरिये जागरूक किया जाएगा। सांप सीढ़ी, कार्ड, कॉमिक बुक्स तैयार किया गया है। स्कूली बच्चों ने इसमें काफी रुचि दिखाई है। खेल खेल में उन्हें पानी की उपयोगिता पता चल सकेगी।
जल योद्धा की लेंगे मदद
इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय जल योद्धा नियुक्त करेगा। ये बच्चों की परीक्षा खत्म होने के बाद स्कूलों में जाकर गेम्स करवाएंगे। छात्रों को वीडियो भी दिखाई जाएगी। अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुछ एनजीओ को गेम्स दिए गए हैं। ये बच्चों को जागरूक कर रहे हैं।
क्षेत्र की ज्योग्राफी से भी होंगे परिचित
क्षेत्र की ज्योग्राफी के अनुसार ही छात्रों को जागरूक किया जाएगा। जल योद्धा क्षेत्र की नदियों की वर्षों पहले की स्थिति और अब की स्थिति के बारे में बताएंगे। कहां से उनके क्षेत्र में पानी आता है। नदियों पर ही गेम्स होंगे।