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दिल्ली-एनसीआर ने ओढ़ी धुंध की चादर, फिजा में घुले हैं जहरीले कण

Wed, 30 Oct 2019 08:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हर तरफ धुआं ही धुआं... - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली-एनसीआर की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। बुधवार की सुबह  दिल्ली में लोधी रोड पर वायु गुणवत्ता सूचकांक के आंकड़े चौंकाने के साथ ही डराने वाले दिखे। सूचकांक के मुताबिक पीएम 2.5 का स्तर 500 और पीएम 10 का स्तर 379 तक जा पहुंचा है। यह वायु गुणवत्ता के लिहाज से गंभीर है। 

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उधर, दिवाली के दूसरे दिन मंगलवार को भी दिल्ली-एनसीआर स्मॉग की चादर में लिपटा रहा। दिन भर पूरे रीजन में धुआं-धुआं पसरा दिखा। आंखों में जलन होने के साथ ही लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हुई।



दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा तेजी से बढ़ने से हवा की गुणवत्ता सोमवार से ज्यादा खराब रही। दिल्ली समेत एनसीआर के सभी शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के आसपास रहा।
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सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा समेत पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते 24 घंटे में पंजाब व हरियाणा में पराली जलाने के 55 फीसदी से ज्यादा मामले बढ़े हैं। सेटेलाइट इमेज से पता चला है कि 2,577 जगहों पर पराली जताई गई। 

वहीं, दिल्ली पहुंचने वाली हवाएं तेजी से हरियाणा की तरफ से आ रही हैं। इससे दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा 25 फीसदी हो गया। वहीं, बुधवार को इसके 29 फीसदी तक पहुंच जाने की आशंका है। 

दूसरी तरफ सतह पर चलने वाली हवा की चाल धीमी है। मंगलवार को यह 6 किमी प्रति घंटा रही। इससे दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण स्थिर हो गया है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 रिकार्ड किया गया।

वहीं, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा व नोएडा का प्रदूषण मीटर 400 को पार करता हुआ गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। गुरुग्राम व फरीदाबाद में स्थिति थोड़ी बेहतर है। बेहद खराब स्तर पर होने के बाद भी यहां का सूचकांक भी 400 के नजदीक बना हुआ है। 

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आज तेज चलेंगी सतह की हवाएं, छंट सकता है प्रदूषण

उधर, सीपीसीबी का पूर्वानुमान है कि बुधवार व बृहस्पतिवार को सतह पर बहने वाली हवा की चाल की 10 व 15 किमी प्रति घंटा होगी। जबकि शुक्रवार को यह 20 तक जा सकती है। इससे प्रदूषण स्तर में कमी आ सकती है। फिर भी, गुणवत्ता बेहद खराब स्तर से गंभीर स्तर के बीच ही बनी रहेगी।

प्रदूषण को बढ़ाने वाले अहम कारक

. पराली का धुआं,  पश्चिम व उत्तर पश्चिम से आने वाली हवाएं।
. आसमान में छाए हल्के बादल व हवा की नमी।
. दिवाली का धुआं, . बारिश का न होना।

बीते तीन दिन की दिल्ली-एनसीआर की गुणवत्ता

शहर                               29 अक्तूबर                    28 अक्तूबर                  27 अक्तूबर
गाजियाबाद                         446                            396                             395
नोएडा                               439                            397                             358
ग्रेटर नोएडा                         428                           375                             325
दिल्ली                                400                            368                             337
गुरूग्राम                             368                            372                             299
फरीदाबाद                           327                           358                             323

दिल्ली में सबसे आनंद विहार सबसे प्रदूषित

दिल्ली का आनंद विहार इलाका मंगलवार को सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 458 रिकार्ड किया गया। दूसरे नंबर पर वजीरपुर का सूचकांक 444 पहुंच गया। वहीं, दिल्ली के 34 इलाकों में से 24 इलाकों की हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर दर्ज की गई। जबकि जिन दस इलाकों की हवा बेहद गंभीर स्तर पर रही, वहां भी प्रदूषण मीटर 375-400 के बीच दर्ज किया गया।

दिल्ली के शीर्ष पांच प्रदूषित इलाके

इलाका                सूचकांक
आनंद विहार          458
वजीरपुर               444
नेहरू नगर            442
अशोक विहार         437
द्वारका                   433
जहांगीरपुरी             433
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