केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान मंगलवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
सीपीसीबी के अनुसार, शनिवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 8 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 2500 मीटर रही। इसके अलावा वेंटिलेशन इंडेक्स 15000 मीटर प्रति वर्ग सेकेंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 257.6 और पीएम2.5 144.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। ऐसे में आनंद विहार, अशोक विहार, पटपड़गंज, रोहिणी, पंजाबी बाग, शादीपुर समेत अन्य इलाकों में 300 से अधिक सूचकांक दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है।
लगातार 19वें दिन खराब हवा रही
सीपीसीबी के अनुसार, दिल्लीवासियों ने शनिवार को लगातार 19वें दिन खराब हवा में सांस ली। इस सीजन में 14 अक्तूबर को दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई थी। इसके बाद से लगातार ही प्रदूषण का स्तर खराब या बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है। दिल्ली में इस बार पहले तो नियमित अंतराल पर पश्चिमी विक्षोभ आते रहे। इसके चलते मई और जून में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई। इसके बाद अच्छे मानसून के चलते जुलाई, अगस्त और सितंबर में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से ज्यादा रहा। अच्छी बारिश के चलते जहां तापमान में गिरावट हुई वहीं, हवा भी काफी हद तक पहले से ज्यादा साफ-सुथरी रही।