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स्मार्ट वाटर मीटर लगेंगे, घर बैठे भरें बिल

Fri, 26 May 2017 11:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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बिजली का बिल
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अब नगर निगम के पेयजल उपभोक्ताओं को पानी के बिलों के लिए निगम कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि घर बैठे ही वे बिल जमा करा सकेंगे। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत घरों में स्मार्ट वाटर मीटर लगाए जाएंगे। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जल्द ही शहर में सर्वे शुरू होने जा रहा है। स्मार्ट मीटर से बिल मिलने के बाद उपभोक्ता ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे।
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत यह योजना बनाई गई है, जिसके मुताबिक शहर में स्मार्ट वाटर मीटर लगाए जाने प्रस्तावित हैं। पिछले दिनों स्मार्ट सिटी की पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट) ने देश के अन्य शहरों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की थी। इसके आधार पर स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में पेयजल योजना को सम्मलित करने का फैसला लिया गया। इस प्रोजेक्ट के लिए वित्त केंद्र सरकार की ओर से दिया जाएगा।

जितना पानी का इस्तेमाल, उतना बिल
सामान्य तौर पर वर्तमान में घरेलू उपभोक्ताओं को फ्लैट रेट पर पानी का बिल दिया जाता है, जबकि कमर्शियल उपभोक्ताओं का मीटर रीडिंग के अनुसार बिल आता है। शहर के पेयजल उपभोक्ताओं की लंबे समय से शिकायत रही है कि पानी की आपूर्ति कम आती है और बिल अधिक आता है। ऐसे में स्मार्ट वाटर मीटर उपभोक्ताओं की शिकायत पर अंकुश लगाएगा। उपभोक्ता जितना पानी का इस्तेमाल करेगा, उसी के मुताबिक बिल आएगा।
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अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित
स्मार्ट वाटर मीटर अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित होता है। इसमें सेंसर, मेमोरी, फाइबर आदि का इस्तेमाल होता है। इसके साथ ऑप्टिकल इंटरफेस एक सुरक्षित ऑप्टिकल फाइबर के साथ जुड़ा होता है। एक ऑप्टिकल पाठक प्रोग्रामर रेडियो संचार नेटवर्क के अनुसार कार्य करता है। ऑप्टिकल पाठक प्रोग्रामर एक सॉफ्टवेयर के साथ कनेक्ट होता है, लेकिन उपयोगकर्ता के अनुकूल मीटर प्रबंधन सॉफ्टवेयर किसी भी माइक्रोसॉफ्ट विंडोज-सात पर चलता है। मीटर एक्सप्लोरर के साथ संयोजन के रूप में काम करता है।

स्मार्ट वाटर मीटर के लाभ
ग्राहक और सप्लायर दोनों के लिए उपयोग पर सूचना मिलती है।
प्रवाह दरों की पूरी रेंज भर में सटीक पैमाइश होती है।
नेटवर्क में नुकसान, लीकेज और अनाधिकृत उपयोग की सटीक गणना होगी।
एक निश्चित समय में एक कुल प्रवाह से अधिक के रूप में असामान्य उपयोग के पैटर्न का पता लगा जाता है।
कनेक्शन में निरंतर पानी की आपूर्ति की जांच होती है।
रिवर्स प्रवाह के संवेदनशील का पता लग जाता है।
पानी की आपूर्ति के अनुसार ही बिल आएगा।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में जल्द ही स्मार्ट मीटर लगेंगे। अगले 15 दिन में सर्वे एजेंसी को काम सौंप दिया जाएगा। एजेंसी बताएगी कि कितने घरों में मीटर लगाएंगे। 
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-रमेश बंसल, उप-प्रबंधक स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
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