स्मार्ट सिटी के लिए नगर निगम को सोशल मीडिया से कोई खास रिस्पांस नहीं मिल रहा है। डेढ़ महीने के दौरान शुक्रवार तक फेसबुक पर मात्र 552 लाइक व ट्वीटर पर केवल 52 फॉलोअर जुड़ पाए हैं। कारण चाहे जो भी हो।
टॉप-20 स्मार्ट सिटी की सूची में जगह बनाने के लिए नगर निगम पिछले डेढ़ महीने से लोगों की राय जानने और सुझाव के लिए लगातार लोगों से संपर्क करने का प्रयास कर रहा है।
इसके लिए नगर निगम ने अपना फेसबुक और ट्वीटर भी बना रखा है, लेकिन उस पर अपेक्षा के अनुरूप रिस्पांस नहीं मिल पा रहा है। इसे निगम की जनता में साख कहें या कुछ और।
सोशल मीडिया पर छोटी-छोटी बातों पर कमेंट देने वाले लोग निगम के मामले में क्यों चुप हैं, यह हैरान करने वाली बात है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पद्श्री डॉ. ब्रह्मदत्त का कहना है कि ऐसा लगता है कि शहर की जनता निगम की कार्यप्रणाली पर विश्वास नहीं कर पा रही है।
क्योंकि अफसरों की छवि जनता के बीच बहुत अच्छी नहीं है। उधर, आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन के महासचिव रवींद्र चावला का कहना है कि निगम अफसरों में ईमानदारी से काम करने की नीयत ही नहीं है।