नोटबंदी के बाद से साइबर सिटी की माइक्रो इंडस्ट्री की हालत खराब है। मालिकों द्वारा कर्मचारियों को वेतन देने में कठिनाई आ रही है। बड़ी संख्या में कर्मचारियों को उनके मालिकों ने पुराने नोट दिए, जिसे बदलवाने में उनके पसीने निकल रहे हैं।
देवीलाल नगर में कुमार रबड़ प्रोडक्ट नाम से माइक्रो इंडस्ट्री चलाने वाले दलीप का कहना है कि नोटबंदी के बाद से दिक्कत आ रही है, काम भी काफी मंदा हो गया है। उनका कहना है कि मांग में भारी कमी आने के कारण उत्पादन में काफी गिरावट आ गई है।
वहीं उनके यहां काम करने वालों को वेतन देने भी काफी परेशानी आ रही है। दलीप बताते हैं कि शुरूआत में पुराने नोट कर्मचारियों को दिए थे। जिसे उन्होंने बदलवा कर अपना काम चलाया। मगर अब रोजाना भुगतान करना मुश्किल हो गया है।
मगर प्रधानमंत्री का यह निर्णय देश हित में है इसका समर्थन सभी कर रहे हैं। इसी प्रकार से दुर्गा रबड प्रोडक्ट के प्रोपराइटर हृदया सिंह का कहना है कि सुधार का कोई भी काम होता है, उसमें परेशानी होती ही है। सूक्ष्म उद्योगों को दिक्कत हो रही है। कारोबार में काफी गिरावट आई है।
मगर वह देश के साथ खड़े हैं। लोहे की कील बनाने वाली एक छोटी यूनिट में काम करने वाले शिखर का कहना है कि पैसे की कमी हो गई है। रोजाना काम के बदले पैसे नहीं मिल पा रहे हैं। घर लौटने के लिए सोचा तो टिकट के लिए भी पैसे नहीं है। आलम यह है कि कोई उधार देने को भी तैयार नहीं है।