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SIR in Delhi: राजधानी में एसआईआर की धीमी रफ्तार, दो दिन में 6.89% मतदाताओं तक ही पहुंच पाए

Thu, 02 Jul 2026 10:43 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में एसआईआर अभियान के दूसरे दिन तक बूथ लेवल अधिकारियों की पहुंच सीमित रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 1.45 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से दो दिन में केवल 6.89 प्रतिशत तक ही बीएलओ पहुंच पाए हैं।
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एसआईआर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दूसरे दिन तक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की पहुंच अभी सीमित है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय से बुधवार रात जारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के 1.45 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से अब तक केवल 9.99 लाख मतदाताओं को ही एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए जा सके हैं। यानी दो दिन में महज 6.89 प्रतिशत मतदाताओं तक ही बीएलओ पहुंच पाए हैं। 30 जून से शुरू हुआ यह अभियान 29 जुलाई तक चलेगा। ऐसे में 28 दिन में 93 प्रतिशत लोगों तक पहुंचना होगा।

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चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। इसी उद्देश्य से घर-घर जाकर मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म दिए जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार फॉर्म वितरण की तुलना में डिजिटाइजेशन की गति काफी धीमी है। अब तक वितरित 9,99,773 फॉर्मों में से केवल 32,109 फॉर्म ही डिजिटल प्रणाली में दर्ज किए जा सके हैं। यह कुल मतदाताओं का मात्र 0.22 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि फॉर्म वितरण के साथ-साथ उनकी ऑनलाइन प्रविष्टि की प्रक्रिया भी शुरुआती चरण में है।

प्रमुख तथ्य..
कुल मतदाता : 1,45,10,298
वितरित एन्यूमरेशन फॉर्म : 9,99,773
कवरेज : 6.89%
डिजिटाइज किए गए फॉर्म : 32,109
डिजिटाइजेशन : 0.22%
अभियान अवधि : 30 जून से 29 जुलाई

उत्तरी जिला सबसे आगे
जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो उत्तरी जिला सबसे आगे है, जहां कुल मतदाताओं के 11.47 प्रतिशत लोगों तक फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं। इसके बाद नई दिल्ली जिले में 11.19 प्रतिशत और उत्तर-पश्चिम जिले में 9.69 प्रतिशत मतदाताओं तक फॉर्म वितरित किए गए हैं। पूर्वी दिल्ली सबसे पीछे है, जहां केवल 4.10 प्रतिशत मतदाताओं तक ही बीएलओ पहुंच सके हैं। 
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दक्षिण जिले में यह आंकड़ा 4.98 प्रतिशत, मध्य जिले में 5.34 प्रतिशत और दक्षिण-पूर्व जिले में 5.37 प्रतिशत रहा। चुनाव अधिकारियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अगले चार सप्ताह में शेष लगभग 1.35 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचने की होगी। साथ ही भरे फॉर्मों का समय पर डिजिटाइजेशन भी सुनिश्चित करना होगा, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

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