हवा की गति बढ़ने व अन्य मौसमी अनुकूल परिस्थितियों की वजह से बृहस्पतिवार को दिल्ली-एनसीआर की हवा में हल्का सुधार दर्ज किया गया है। इस कड़ी में राजधानी की हवा का स्तर पिछले 1 दिन के मुकाबले 32 अंकों की गिरावट के साथ बहुत खराब श्रेणी में बना रहा। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में शामिल शहर बहुत खराब श्रेणी के दर्जे में रहे।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, बृहस्पतिवार को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 341 दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले यह 373, मंगलवार को 367, सोमवार को 318, रविवार को 256, शनिवार को 236, शुक्रवार को 137, बृहस्पतिवार को 302 रहा था।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं में कमी दर्ज हुई है। इस कड़ी में पिछले 24 घंटे में 249 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई, जिसकी प्रदूषण में हिस्सेदारी 2 फीसदी रही। एक दिन पहले यह 316 घटनाओं के साथ 3 फीसदी थी।
सफर के अनुसार, प्रदूषण के जिम्मेदार तत्वों पीएम 10 और पीएम 2.5 के स्तर में पिछले 24 घंटों में कमी आई है। इस कड़ी में पीएम 10 का स्तर 270 और पीएम 2.5 का असर 170 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। इससे एक दिन पहले पीएम 10 का स्तर 334 और पीएम 2.5 का स्तर 196 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया था।
हवा की गति में वृद्धि होने की वजह से पर प्रदूषित तत्वों को छंटने में मदद मिली है। यही वजह है कि बृहस्पतिवार को हवा का स्तर में सुधार दर्ज हुआ है। अगले दो दिनों में हवा का स्तर बहुत खराब श्रेणी में और बिगड़ सकता है। इसके बाद आगामी 6 दिसंबर को हवा के स्तर में सुधार होने की संभावना है।
दिल्ली- एनसीआर की हवा में भी हुआ सुधार
पिछले दिनों के मुकाबले दिल्ली-एनसीआर के शहरों में शामिल गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद की हवा में भी हल्का सुधार हुआ है। एक दिन पहले जहां गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा की हवा गंभीर श्रेणी में थी बृहस्पतिवार को यह बहुत खराब श्रेणी में रही है।
दिल्ली- एनसीआर के आंकड़े
नोएडा 360
गुरुग्राम 316
ग्रेटर नोएडा 358
गाजियाबाद 377
फरीदाबाद 336