फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में महिलाओं और बच्चों के लिए डराने वाला है इस रिसर्च का नतीजा, हो जाएं सावधान!

Fri, 24 Nov 2017 12:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में सबको डर लगता है 
- 60 फीसदी महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग दिल्ली को नहीं मानते सुरक्षित
- प्रजा फाउंडेशन ने हंसा रिसर्च के सर्वेक्षण रिपोर्ट को किया सार्वजनिक
- पुलिस पर भरोसा नहीं होने से बड़ी संख्या में पीड़ित नहीं करते हैं शिकायत 
अमर उजाला ब्यूरो 
नई दिल्ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी के लोग अन्य महानगरों की तुलना में अपने को असुरक्षित मानते हैं। प्रजा फाउंडेशन की ओर से किए गए सर्वे में यह बात सामने आई है। सर्वे रिपोर्ट की मानें तो दिल्ली की 60 फीसदी महिलाओं, बच्चे और बुजुर्गों को राजधानी सुरक्षित नहीं लगती।
विज्ञापन


सर्वे में यह भी खुलासा हुआ है कि पुलिस पर विश्वास नहीं होने की वजह से करीब एक तिहाई पीड़ित अपने साथ हुए अपराध की शिकायत तक नहीं करते हैं। पुलिसकर्मियों की कमी की वजह से दिल्ली में अपराध पर लगाम लगाना मुश्किल हो गया है।

प्रजा फाउंडेशन ने दिल्ली में हो रही घटनाओं की जानकारी को आरटीआई के माध्यम से हासिल किया। इसके आंकड़े जुटाने के बाद फाउंडेशन ने इस बात की जानकारी हासिल करने की कोशिश की कि राजधानी में बढ़ रहे अपराध को लेकर यहां रहने वालों का क्या कहना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शुक्रवार को सार्वजनिक किया सर्वेक्षण

प्रजा फाउंडेशन ने हंसा रिसर्च से इस बात को लेकर सर्वे कराया। शुक्रवार को प्रजा फाउंडेशन ने हंसा रिसर्च द्वारा दिल्ली के 24301 परिवारों पर किए सर्वेक्षण के रिपोर्ट को सार्वजनिक किया।
 रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2016 में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की 3969 मामले दर्ज हुए। वहीं अपहरण के मामलों में 60 फीसदी महिलाएं ही बदमाशों की शिकार हुई। हंसा रिसर्च के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंजन घोष ने बताया कि अपराध के आंकड़ों पर दिल्ली के 60 फीसदी लोगों का मानना है कि वह राजधानी में अपने को असुरक्षित मानते हैं।

उनका कहना है कि लोगों ने पुलिस पर भी अपना अविश्वास दिखाया है। हर तीन पीड़ितों में से एक अपराध की शिकायत भी दर्ज नहीं कराते हैं। प्रजा फाउंडेशन के परियोजना निदेशक मिलिंद म्हस्के ने बताया कि दिल्ली में पोक्सो एक्ट के तहत होने वाले अपराध की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2016 में दुष्कर्म के 2181 दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए। जिसमें से 44.80 फीसदी मामले पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज किए गए थे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें