मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शुरू किए गए ये स्टेशन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू), मालचा महल (सेंट्रल रिज) के पास इसरो अर्थ स्टेशन, दिल्ली कैंटोनमेंट, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (वेस्ट कैंपस) में लगाए गए हैं। मंत्री सिरसा ने कहा कि नए स्टेशन प्रदूषण के खिलाफ डेटा के आधार पर कार्रवाई करने में बड़ी मदद करेंगे। लाइव डेटा से यह पता लगाना आसान होगा कि किस इलाके में कितना प्रदूषण है और वहां क्या कदम उठाने की जरूरत है।
सरकार के अनुसार, इन स्टेशनों से मिलने वाले आंकड़ों का उपयोग पेड़-पौधों और जानवरों पर प्रदूषण के प्रभाव का अध्ययन करने में भी किया जाएगा। इससे भविष्य की पर्यावरण नीतियों को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार ने वायु रक्षक अभियान भी शुरू किया है, जिसमें 100 प्रवर्तन कर्मियों की टीम प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नजर रख रही है। इसके अलावा, 14 और नए स्टेशन लगाने की योजना है, ताकि पूरे साल प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि प्रदूषण से निपटने के लिए लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई जरूरी है और दिल्ली का बढ़ता मॉनिटरिंग नेटवर्क इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।