न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और शलिंदर कौर की खंडपीठ ने नरेश शर्मा को आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराते कहा कि उन्होंने उस न्यायाधीश के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था जिसने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
उच्च न्यायालय ने अदालत की आपराधिक अवमानना के दोषी नरेश शर्मा को छह महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। उस पर उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश के लिए मौत की सजा की मांगने का आरोप था।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और शलिंदर कौर की खंडपीठ ने नरेश शर्मा को आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराते कहा कि उन्होंने उस न्यायाधीश के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था जिसने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। पीठ ने कहा कि शर्मा को अपने आचरण और कार्यों पर कोई पश्चाताप नहीं है और उन्होंने अपने आचरण के लिए बिना शर्त माफी मांगने से इनकार कर दिया।
पीठ ने कहा रिकॉर्ड पर रखी गई सामग्री, अवमाननाकर्ता की दलीलों और विरोधी वकील की दलीलों पर विचार करने के बाद इस न्यायालय की राय है कि अवमाननाकर्ता को अपने आचरण और कार्यों के लिए कोई पश्चाताप नहीं है। तदनुसार, हम इसके द्वारा अवमाननाकर्ता को न्यायालय की अवमानना के लिए छह माह की कैद व दो हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाते है।