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100 लोगों को ठगा: फर्जी विज्ञापन देकर अमेरिकी नागरिकों को बनाते थे शिकार, पुलिस ने छह को दबोचा

Sat, 11 Jul 2026 08:50 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने फर्जी विज्ञापन देकर विदेशी नागरिकों खासकर अमेरिकियों से लाखों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी असम और दिल्ली के रहने वाले थे।
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गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिसरख कोतवाली पुलिस ने शनिवार को विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं। 

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आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले छह लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, एक हेडफोन, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 5,200 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। आरोपी अबतक 100 से अधिक लोगों से लाखों की ठगी कर चुके है। आरोपी किराये के फ्लैट से ठगी का गिरोह चला रहे थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी कब से ठगी कर रहे थे।
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छह ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया
एडीसीपी स्वतंत्र सिंह का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तिनसुकिया असम निवासी आकिब अमीन (30), दिल्ली निवासी चर्चित शर्मा (30), कमरूप असम निवासी कृष्णा देव वर्मन (31), कामरूप असम निवासी एंजल देव वर्मन (26), दिमाहासो असम निवासी रंजना सुनार (28) और लखीपताह दिग्बोई निवासी रेखा (32) के रूप में हुई है। सभी आरोपी वर्तमान में बिसरख थाना क्षेत्र स्थित चेरी काउंटी सोसायटी में रह रहे थे। सभी आरोपियों को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

वायरस ठीक करने का देते थे झांसा
जांच में सामने आया कि आरोपी गूगल पर वायरस ठीक करने, बग्स फिक्स करने और साइबर सिक्योरिटी सेवाओं से संबंधित फर्जी विज्ञापन चलाते थे। जब कोई विदेशी नागरिक, विशेषकर अमेरिका का निवासी, अपने कंप्यूटर या मोबाइल की तकनीकी समस्या का समाधान खोजने के लिए गूगल पर संबंधित नंबर तलाशता था, तो उसे आरोपियों द्वारा दिए गए फर्जी संपर्क नंबर दिखाई देते थे। इन नंबरों पर कॉल करने के बाद आरोपी खुद को सोशल सिक्योरिटी अधिकारी या साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ बताकर पीड़ितों का विश्वास जीतते थे। 

इसके बाद वे विभिन्न बहानों से पीड़ितों को अपने जाल में फंसाकर उनसे धनराशि ठग लेते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाता था और ऑनलाइन माध्यम से साइबर अपराध को अंजाम देता था। बरामद लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की कुल रकम का पता लगाया जा सके। 
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पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बिसरख में कोतवाली बीएनएस और आईटी एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है। मामले की जांच जारी है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के नेटवर्क तथा अन्य संभावित सहयोगियों की भी तलाश की जा रही है।

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