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Delhi NCR News: कंबोडिया में बैठकर भारतीयों की मदद से करते थे ठगी, पांच गिरफ्तार

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शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश कर दोगुना फायदा होने का देते थे लालच, दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस ने की कार्रवाई
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने चार अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर पांच साइबर जालसाजों मंगू सिंह, हरि किशन सिंह, अक्षय, मुकुल और विक्रम को गिरफ्तार किया है। आरोपी शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश कर दोगुना फायदा देने का झांसा देकर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे।
गिरोह का मास्टरमाइंड कंबोडिया में गिरोह के संचालकों के संपर्क में रहता था और उनको निर्देश देता था। पुलिस को जांच में पता लगा है कि आरोपियों के बैंक खातों में 4.25 करोड़ रुपये का लेन-देन हो चुका है। आरोपियों के पास से 13 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, नौ चेक बुक, तीन रजिस्टर, आठ सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। लैपटॉप और रजिस्टर से पुलिस को महत्वपूर्ण डाटा मिला है। जिनमें देशभर में की गई ठगी का पूरा हिसाब-किताब है।
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दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि पीड़ित आर चौधरी ने साइबर थाना पुलिस को ठगी की शिकायत दी थी कि जालसाजों ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ और उन्हें शेयर बाजार में निवेश कर उच्च रिटर्न का दावा किया। आरोपियों ने शुरुआत में पीड़ितों द्वारा निवेश की गई रकम पर छोटे-छोटे मुनाफे दिए और फिर विश्वास में लेकर 10.7 लाख रुपये निवेश करवा लिए।
कुछ दिनों बाद जब पीड़ित ने निवेश की गई रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने उस पर रोक लगा दी। पीडि़त को ठगी होने का एहसास हुआ तो उसने पुलिस को शिकायत दी। साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक व एसआई चेतन राणा की टीम ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
एसआई चेतन राणा व हवलदार मनेंद्र और विजयपाल की टीम ने तकनीकी निगरानी, मनी ट्रेल और डिजिटल फुटप्रिंट के विश्लेषण से पता लगा कि आरोपियों ने पीड़ित को फोन करने के लिए फर्जी पते पर ली गई सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था। पैसा जिन खातों में गया था, वह किराये पर लिए गए थे, लेकिन बैंक से मिले कुछ महत्वपूर्ण सबूतों की मदद से पुलिस ने हरियाणा के नरवाना में छापा मारकर विक्रम को गिरफ्तार किया।
विक्रम से पूछताछ के बाद जीरकपुर, पंजाब निवासी मुकुल को जीरकपुर से गिरफ्तार कर लिया। मुकुल ने अपने और विक्रम के बैंक खातों को अक्षय को देने की जानकारी दी। अक्षय की निशानदेही पर हिमाचल प्रदेश के ऊना में छापेमारी कर अक्षय को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अब पैसे निकालने वाले लोगों की जानकारी जुटाई तो अमृतसर, पंजाब के रहने वाले हरि किशन का नाम सामने आया।
पुलिस ने अमृतसर में छापा मारकर हरि किशन को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी एक दूसरे से संपर्क में रहते थे। पूछताछ के बाद आरोपियों ने बताया कि उन्हें राजस्थान का रहने वाला मंगू सिंह निर्देश देता था। पुलिस ने राजस्थान के सीकर में छापा मारकर मंगू सिंह को गिरफ्तार किया।
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विदेश से चला रहा था गिरोह
भारत में गिरोह का मास्टरमाइंड मंगू सिंह अपने सहयोगी कुलदीप के साथ टेलीग्राम के माध्यम से कंबोडिया स्थित साइबर जालसाज के संपर्क में आया। उन्होंने एटीपे नाम से एक ग्रुप बनाया, इस ग्रुप में बैंक खातों की जानकारी साझा की जाती थी। मंगू सिंह ने विक्रम, मुकुल और अक्षय के माध्यम से विभिन्न राज्यों में बैंक खातों की व्यवस्था की। तीनों आरोपियों ने लोगों को खाते खोलने में मदद की और फिर कमीशन देकर बैंक खाते की जानकारी प्राप्त कर ली। सभी खातों की जानकारी हरि किशन सिंह और मंगू सिंह को दी जाती थी। मंगू इन खातों की जानकारी कंबोडिया स्थित गिरोह के संचालकों को देता था। वह आरोपी ठगी का पैसा इन बैंक खातों में डालते थे। पैसा कई खातों में ट्रांसफर होने के बाद क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी) में परिवर्तित किया जाता था और फिर अंत में भारत में मौजूद आरोपी अपना पांच प्रतिशत कमीशन काटने के बाद बाकी पैसा कंबोडिया में मौजूद संचालकों द्वारा नियंत्रित वॉलेट में डाल दिया जाता था।
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