पति एनडीएमसी से और पत्नी डॉक्टर के पद से हैं रिटायर
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) से सीनियर आर्केटेक्चर के पद से रिटायर आरसी सभरवाल पत्नी उषा सभरवाल के साथ डी-ब्लॉक, एनएफसी में रहते हैं। उनकी पत्नी आरएमएल अस्पताल में डॉक्टर थीं।
पुलिस की वर्दी पहन आए थे तीन लोग
उन्होंने एनएफसी थाने में 13 फरवरी को शिकायत दी थी कि 11 फरवरी को सुबह करीब 10 बजे पुलिस की वर्दी पहने तीन लोग जबरदस्ती उनके घर में घुस आए। आरोपियों ने खुद को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) अधिकारी बताते हुए ईडी की रेड बताया। आरोपियों ने कोई सर्च वारंट, ऑथराइजेशन लेटर या परिचय पत्र दिखाने से मना कर दिया। आरोपियों ने उन्हें धमकाया, उनके मोबाइल फोन छीन कर बंद कर दिए।
तीन से चार लाख कैश लूटकर भागे
शिकायत करने वाले ने आगे बताया कि आरोपियों ने उससे अपने सारे पैसे और कीमती सामान उनके सामने पेश करने को कहा। डरकर उसने डाइनिंग टेबल पर लगभग 10-12 लाख (सही बिजनेस इनकम) वाला एक बैग रख दिया। आरोपियों ने फोटो खींचे और पीड़ित को गिरफ्तार करने की धमकी दी। वारदात के दौरान ही पत्नी उषा सभरवाल ने पेशे से वकील पोते कार्तिक सभरवाल से किसी तरह संपर्क किया। ये पता लगने पर आरोपी करीब 3-4 लाख कैश लूटकर फरार हो गए। मामला दर्जकर एनएफसी थानाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, एसआई नवीन यादव व महिला एसआई प्रियंका की टीम ने जांच शुरू की।
350 सीसीटीवीर कैमरों की फुटेज खंगाली
एसआई नवीन यादव की टीम ने करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपियों की कार के रूट का पता लगाया। फुटेज से पता लगा कि आरोपियों की कार आखिरकार सेक्टर-4, वैशाली गाजियाबाद में रोकी गई है। जांच के बाद पुलिस टीम ने पीड़ित के यहां घरेलू सहायिका काम करने वाली आरोपी थराली चमोली, उत्तराखंड निवासी रेखा देवी (40) और उसकी नंद सेक्टर-3, वैशाली, गाजियाबाद निवासी पूजा (45) पत्नी प्रकाश को 25 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया। पूजा के घर की तलाशी के दौरान पुलिस ने सात महंगी घड़ियां, गहने, डिप्टी कमांडेंट की एक वर्दी, एक पिस्टल (लाइसेंस एक्सपायर हो चुका है) और एक फर्जी पहचान पत्र जब्त किया है।
बुढ़ापे का फायदा उठाना चाहती थी
आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह मौके का फायदा उठाना चाहती थी, क्योंकि मालिक बूढ़ा हो रहा था। उनकी मदद करने वाला कोई नहीं था। उन्हें लगा कि यह पीड़ित के कैश और दूसरी कीमती चीजों को हड़पने का सही तरीका है, ताकि आसानी से पैसे कमाए जा सकें। रेखा ने नंद पूजा, उसके बेटे मनीष और पति प्रकाश व अपनी बहन मीना के पति उपदेश सिंह थापा उर्फ पिंटू के साथ मिलकर साजिश रची। पूजा बीमार लोगों की डे केयर अटेंडेंट के तौर पर काम कर रही थी। उसका पहले कोई इन्वॉल्वमेंट नहीं रहा है। पहले पति का देहांत होने पर पूजा ने दूसरी शादी कर रखी है।