बुधवार देर रात ढाबे पर खाना लेने गए पिता-पुत्र की सड़क हादसे में मौत होने के बाद बृहस्पतिवार को दिनभर परिवार में कोहराम मचा रहा। घर में पिता और भाई के शव थे, लेकिन किसी तरह खुद को संभालकर बहन अपना 10वीं का पेपर देने गई। परिजनों ने किसी तरह उसे ढांढस बंधाया। परिवार के मुखिया और पुत्र की मौत के बाद रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
रविंद्र सागर (43) व उनका पुत्र गर्भित (10) निवासी अवंतिका जेपीवी अपार्टमेंट बुधवार की रात करीब साढ़े आठ बजे हापुड़ चुंगी पर ढाबे से भोजन लेने के लिए गए थे। घर लौटते समय शास्त्रीनगर पेट्रोल पंप के पास ट्रक ने उनको टक्कर मार दी थी। बृहस्पतिवार को घर में कोहराम के बीच रविंद्र के बेटी रिया अपना 10वीं का गणित का पेपर देने गई।
परिजनों ने किसी तरह उसको धैर्य बंधाया। रविंद्र घर के बाहर प्लास्टिक क्रॉकरी की दुकान चलाते थे। उसी से परिवार का भरण पोषण होता था। उनकी मौत से परिवार में कमाई का कोई सहारा नहीं बचा है। घर में अब उनकी पत्नी रीना, बेटी रिया और मां लक्ष्मी देवी हैं। मां बीमार रहती हैं। वह ठीक से चल भी नहीं पातीं। कविनगर थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि मृतक के बड़े भाई की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
लोगों ने किया हंगामा
पिता पुत्र की मौत के बाद वहां पहुंचे लोगों ने पुलिस का विरोध किया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और धक्कामुक्की भी हुई। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस चाहती तो ट्रक को पकड़ सकती थी, लेकिन वह घटना के काफी देर बाद पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
पिता की भी सड़क हादसे में हुई थी मौत
मृतक रविंद्र के पिता चेतराम सिंह की भी मई 2009 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। एक बार फिर सड़क हादसे ने परिवार की खुशियां छीन ली।