क्यूआरटी से छापेमारी, बढ़ेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि सभी जिला अदालतों में जितने जरूरत होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित होंगे। इससे निर्णय जल्द होंगे और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा होगा। इसके अलावा दिल्ली सरकार के स्तर पर एसडीएम व मजिस्ट्रेट की अगुवाई में हर जिले में एक-एक क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) गठित की जाएगी।
क्यूआरटी के विषय में सिसोदिया ने बताया कि महिला ये एसडीएम रात में महिला अपराध से जुड़े शराब पीकर हंगामा करने, ताश खेलने या छेड़छाड़ की घटनाओं पर छापा मारकर रात को कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही महिलाओं के लिए कई नहीं, एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा।
दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई बड़े कदम उठाने जा रही है। 16 दिसंबर सामूहिक दुष्कर्म हादसे के बाद गठित जस्टिस वर्मा समिति की सिफारिशों को दिल्ली में जल्द लागू करने का रोड मैप अधिकारियों से उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जल्द मांगा है। सिसोदिया ने अधिकारियों को कहा है कि जल्द से सिफारिशें पढ़ें और क्या कर सकते हैं, जल्द लागू करें। उपमुख्यमंत्री ने कहा हमें महिलाओं के साथ रहना नहीं जीना है।
मनीष सिसोदिया ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों ने अपील की कि परिवार में संकल्प लें कि बस, ट्रेन या किसी जगह महिला खड़ी है तो उसे सीट देंगे। सम्मान देंगे। उन्होंने केरल की बसों में महिला सीट खाली होने पर भी किसी पुरुष के नहीं बैठने जैसी आदत दिल्ली में डालने की बात कही।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने केजरीवाल की तारीफ की
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष और पूर्व कांग्रेसी विधायक बरखा शुक्ला सिंह ने दिल्ली सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब मैं पहली बार केजरीवाल से मिलने गई तो पॉजिटिव रेस्पांस मिला। अच्छे विचार के लोग हैं। नजदीक जाने पर असलीयत पता चलती है। वहीं कार्यक्रम में महिला आयोग अध्यक्ष ने वार्षिक रिपोर्ट भी पेश की जिसमें 100 महिला पंचायत, सहयोगिनी और काउंसलिंग सेंटर का जिक्र किया। कार्यक्रम में विधानसभा उपाध्यक्ष वंदना कुमार, विधायक सरिता सिंह, प्रोमिला टोकस के अलावा सचिव धर्मपाल, निदेशक सौम्या गुप्ता, महिला आयोग की सदस्य सचिव अर्चना अरोड़ा भी शामिल हुए।
महिला और पुरुष विलोम या पूरक
उप मुख्यमंत्री ने स्कूलों में महिला का विलोम पुरुष पढ़ाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा नींव ही गलत है। महिला का उल्टा पुरुष पढ़ाकर अपराध कर रहे हैं, ये पूरक हैं। जब स्कूल में 4 साल का बच्चा आता है तो महिलाओं के खिलाफ उसमें कोई अपराध नहीं होता। लेकिन जब स्कूल से निकलता है तो फिर महिला के खिलाफ अपराधी कैसे बन जाता है। शिक्षा व्यवस्था में स्कूलों में गारंटी लेनी पड़ेगी कि यहां से शिक्षित महिलाओं के खिलाफ अपराध नहीं करेगा।
पांच महिलाओं को जिला महिला सम्मान
दिल्ली सचिवालय में सरकार ने महिला आयोग की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में पांच महिलाओं को जिला महिला सम्मान से सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से सम्मान स्वरूप एक प्रमाणपत्र भेंट किया और बैंक खाते में सीधे 20 हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप ट्रांसफर होंगे। सम्मान पाने वाली महिलाओं में जीबी रोड पर सेक्स वर्कर्स के लिए काम करने वाली रितु मणिदास भी शामिल थीं।
वहीं एक ऐसी महिला को भी सम्मानित महिला किया गया जो घर बसाने की उम्मीद में संघर्ष के बाद बिन ब्याही मां बन गईं। हिम्मत हारे में जी रही है। एक पुरस्कार एसिड पीड़ित महिला जिसका अमेरिका केराष्ट्रपति कर चुके हैं, उसे भी सम्मानित किया गया।
वहीं मां-बहन की इज्जत बचाने में बच्चे की जान गवाने वाली उस महिला को भी सम्मानित किया जिसने कानून की लड़ाई लड़कर अपराधियों को सजा दिलवाई। एक ऐसी महिला को भी सम्मानित किया गया जिसका चाचा आबरू के बाजार में उसे बेच गया था लेकिन उस दलदल से निकलकर इज्जत की जिंदगी जी रही है। इसमें कुछ महिलाएं मंच पर आकर भावुक हो गईं।