दिल्ली जल बोर्ड का गठन होने के बाद यह पहला मौका होगा, जब उसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री नहीं होंगे। दिल्ली जल बोर्ड की कमान उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के हाथ में होगी। वह शनिवार को जल बोर्ड के चेयरमैन बने।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने पास कोई भी विभाग नहीं रखा है और वे सभी विभाग उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पास हैं, जो किसी भी मंत्री को नहीं दिए गए हैं। जल बोर्ड एक्ट के अनुसार, उसका चेयरमैन वही बनता है, जिसके पास जल मंत्रालय हो। सिसोदिया के पास ही जल संसाधन मंत्रालय भी है।
बोर्ड में तीन विधायकों को सदस्य बनाया जाता है, जिनमें एक को उपाध्यक्ष बनाया जाएगा। इन तीन विधायकों में एक विपक्षी दल का होता है। इसके अलावा सभी स्थानीय निकायों का एक-एक पार्षद भी जल बोर्ड का सदस्य होते हैं। उनके नाम का फैसला जल बोर्ड की बजाय संबंधित निकाय करता है।