दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को सरकारी स्कूलों के एक हजार से अधिक प्रिंसिपलों के साथ बातचीत की। बैठक में सिसोदिया ने सभी से शैक्षिक संस्थानों को दोबारा खोलने के लिए योजना बनाने के लिए कहा है। दिल्ली के सभी स्कूल कोरोना वायरस के कारण लगभग दो महीने से बंद हैं।
सिसोदिया ने बैठक में कहा कि सभी स्कूलों को खोलने के लिए एक योजना नहीं बनाई जा सकती क्योंकि हर स्कूल का संदर्भ अलग है। उन्होंने बैठक में सभी से अपील की वे स्कूल स्तर पर सभी हितधारकों के साथ मिलकर एक योजना तैयार करें।
सिसोदिया ने कहा कि विस्तृत योजना प्रक्रिया पर इस वजह से जोर दे रहे हैं क्योंकि हमे कोई भी फैसला लेने से पहले कई चीजों को ध्यान में रखना है। ये सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन या एक क्लास को बुलाने और दूसरी को ना बुलाने के बारे में नहीं है। किसी भी फैसले का बच्चों और उनके परिवारों पर गहरा असर होगा। क्योंकि स्कूल हमारे सामाजिक जीवन का अभिन्न अंग है।
उन्होंने कहा कि ये किताबों से कुछ अध्याय सीखने के बारे में नहीं है। बल्कि जीवन का सबक सीखने के बारे में है। इसलिए किसी भी योजना में सभी संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए उदासीन क्षण है क्योंकि हम सब पहली बार साल 2015 में सरकार बनाने के बाद सभी स्कूल प्रिंसिपलों से मिले थे। हमने कहा कि था कि हम अपने स्कूलों को नई उचाईयों तक लेकर जाएंगे। मगर आज साल 2020 में दोबारा सरकार बनाने के बाद हम सभी मिलकर केवल स्कूल दोबारा खोलने के बारे में चर्चा कर रहे हैं।