दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने सिख दंगों के रिकार्ड को नष्ट करने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा कि कानपुर के सिख दंगा मामले की कई फाइल गुम होने की जानकारी मिली है। 35 साल से न्याय की मांग करने वाले इससे काफी निराश हैं। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद यदि उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वह हताश हो जाएंगे।
सिरसा ने कहा है कि इन मामलों के रिकार्ड को जान-बूझकर खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि दोषियों को बचाया जा सके। अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी के कुलदीप सिंह भोगल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपील की है कि वह फोरेंसिक टीम गठित करें और नष्ट किए गए सुबूतों को बहाल करें।
एक अन्य बयान में मनजिंदर सिंह सिरसा ने एसआईटी से अपील की है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को सिख दंगा मामले में तुरंत गिरफ्तार करें। एक वीडियो संदेश में सिरसा ने कहा कि कमलनाथ 1 नवंबर 1984 में दिल्ली स्थित रकाबगंज गुरुद्वारे में मौजूद थे।
उन्होंने सिख दंगा भड़काने का काम किया। दोनों चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। 35 साल से सिख समुदाय के लोग न्याय के इंतजार में हैं।