ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद मतदाताओं को अपने नाम और अन्य विवरण की जांच करने का मिलेगा अवसर
- 30 सितंबर तक दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 की समय-सारिणी में भारत निर्वाचन आयोग ने संशोधन किया है। ड्राफ्ट मतदाता सूची अब 24 अगस्त की जगह 31 अगस्त को जारी होगी। इसके साथ ही अंतिम सूची का प्रकाशन भी 27 अक्तूबर से बढ़ाकर चार नवंबर कर दिया गया है, यानी आठ दिन की देरी हुई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, मतदान केंद्रों के युक्तिकरण व पुनर्व्यवस्था का काम 17 अगस्त की जगह 24 अगस्त तक पूरा किया जाएगा। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद दावा-आपत्ति दर्ज करने की अवधि 31 अगस्त से 30 सितंबर तक रहेगी (पहले 24 अगस्त-23 सितंबर थी)। दावों के निस्तारण की प्रक्रिया 31 अगस्त से 29 अक्तूबर तक चलेगी और उसके बाद चार नवंबर को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
मतदाता 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची में अपना नाम मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर जांच सकेंगे। यदि नाम न हो या कोई त्रुटि मिले, तो 30 सितंबर तक दावा-आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी।
-47 लाख के करीब मतदाताओं के नाम हट सकते हैं
ड्राफ्ट मतदाता सूची से भारी संख्या में नाम हटाए जा सकते हैं। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार राजधानी की 70 में से 47 विधानसभा सीटों पर 30 से 40 प्रतिशत तक मतदाताओं के नाम इस सूची से बाहर हो जाएंगे। 30 जून से 17 अगस्त तक चले घर-घर सत्यापन अभियान के दौरान 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख से अधिक (लगभग हर तीसरा मतदाता) सत्यापन फॉर्म जमा न करने या अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक और डुप्लीकेट के रूप में चिह्नित होने के कारण बाहर हो रहे हैं।