जब उनकी जांच की तो पाया कि उनके बाएं गुर्दे के भीतर ब्लीडिंग और इन्फेक्शन हो गया था। प्री-ऑपरेटिव स्कैन में एक बड़ा गुर्दा दिखाई दे रहा था, लेकिन डॉक्टरों को इसका वजन इतना ज्यादा होने की उम्मीद नहीं थी। इसका वजन दो नवजातों से भी अधिक हो गया था। आगामी दो से तीन दिनों में उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
डॉ. सचिन ने बताया कि जब तमाम मेडिकल रिकॉर्ड इंटरनेटर पर खंगाले गए तो पता चला कि अभी तक अमेरिका और नीदरलैंड में मरीज के शरीर से क्रमश: 9 व 8.7 किलो भार वजन वाले गुर्दे निकाले गए हैं। अब तक निकाली जाने वाली विश्व का तीसरा और देश का पहला सबसे भारी गुर्दा है। हालांकि पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज से पीड़ित मरीज के गुर्दे निकालने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुबई के डॉक्टरों का नाम है जिन्होंने 2017 में इससे पीड़ित मरीज में से 4.25 किलो का गुर्दा निकाला था।