राजधानी दिल्ली में खुलेआम सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां पर बिना आईडी के धड़ल्ले से सिम कार्ड बेचे जा रहे हैं। इसका खुलासा 15 अगस्त की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से की जा रही जांच के दौरान हुआ है।
दिल्ली में हुए आतंकी हमले के बाद पुलिस ने किरायेदारों, कर्मचारियों और नौकरों का सत्यापन करना अनिवार्य कर दिया था। इसके साथ ही पुलिस ने होटलों और गेस्ट हाउस मालिकों को यहां ठहरने वाले लोगों का पहचान पत्र लेकर ही उन्हें ठहरने की इजाजत देने को कहा था।
साथ ही पुलिस ने साइबर कैफे के मालिकों को सख्त निर्देश दिए थे कि वह पहचान पत्र देखकर ही ग्राहकों को काम करने की इजाजत दें। इसके अलावा ही ग्राहकों का रिकॉर्ड भी रखें। मोबाइल सिम बेचने वाले दुकानदारों को भी बिना पहचान पत्र लिए किसी को सिम मुहैया कराने की इजाजत नहीं है, लेकिन 15 अगस्त को लेकर सुरक्षा उपायों की जांच के दौरान कई खामियां सामने आईं हैं, जो सुरक्षा के लिए घातक साबित हो सकती हैं।
कई जगहों पर मोबाइल दुकानदार ग्राहकों से बिना पहचान पत्र लिए उन्हें धड़ल्ले से सिम बेच रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे सिम का इस्तेमाल आतंकी भी कर सकते हैं। साथ ही सैकड़ों ऐसे मामले आए हैं, जिसमें मकान मालिक ने अपने किरायेदारों का सत्यापन नहीं करवाया है। होटलों और गेस्ट हाउस की जांच में भी यह बात सामने आई है कि मालिकों ने बिना सत्यापन के अपने यहां कर्मचारियों को रखा हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है चिक ऐसे लोगों के खिलाफ सरकारी आदेश की अवहेलना का मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।