दिल्ली के प्रमुख बाजारों की दुकानों के गिरे शटर और सड़कों पर दूर-दूर तक पसरे सन्नाटे ने जनता कर्फ्यू की गवाही दी। दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस से लेकर चांदनी चौक तक इसका असर देखने को मिला। दिल्ली के तमाम बाजार एसोसिएशन ने दुकानें बंद कर कोरोना से जंग में भागीदारी निभाई। अमर उजाला संवाददाता ने कुछ स्थानों का लिया जायजा...।
समय : 9.15 बजे
कनॉट प्लेस में पसरा रहा सन्नाटा
कनॉट प्लेस में रविवार को सुबह से शाम तक सभी दुकानों के शटर गिरे रहे। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद की पार्किंग भी पूरी तरह खाली दिखी। सैलानियों व अन्य लोगों की भीड़ से खचाखच भरे रहने वाले इनर सर्कल से लेकर आउटर सर्कल तक वीरान दिखे। बमुश्किल ही पांच से 10 मिनट के भीतर कोई वाहन दिख जाता था। वहीं, मौके पर पेट्रोलिंग कर रही पीसीआर वैन भी आने-जाने वाले लोगों से न रुकने की अपील कर रही थी। नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने बताया कि कोरोना को देखते हुए कनॉट प्लेस को सोमवार को भी बंद करने का निर्णय लिया गया है। सोमवार को दुकानदारों के साथ बैठक कर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
समय : 11.10 बजे
चांदनी चौक बाजार
दिल्ली के प्रमुख बाजारों शामिल पुरानी दिल्ली का चांदनी चौक बाजार जो दिनभर ग्राहकों की चहल पहल से गुलजार रहता था, वह भी जनता कर्फ्यू में अपनी भागीदारी निभा रहा था। हालांकि, श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र शीशगंज गुरुद्वारा खुला हुआ था, लेकिन श्रद्धालु नहीं दिखे। चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय भार्गव ने बताया कि कोरोना को देखते हुए चांदनी चौक की मुख्य बाजार की करीब 600 दुकानें बंद रखी गईं। बाजार के आसपास करीब डेढ़ लाख दुकानें भी जनता कर्फ्यू में शामिल थीं। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देश को देखते हुए आगामी 31 मार्च तक भी बाजार बंद रह सकता है।
समय : 12.05 बजे
जामा मस्जिद
मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में स्थित जामा मस्जिद भी रविवार को वीरान रही। यहां के मटियामहल बाजार, चितली कब्र व मीना बाजार जैसे प्रमुख बाजारों में पसरा सन्नाटा कोरोना के प्रति लोगों की एकता का बयां कर रहा था। मटियामहल बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष अकरम ने कहा कि इस समय सभी लोगों को साथ मिलकर कोरोना के खिलाफ जंग लड़नी है। गौरतलब है कि मुगलई व्यंजनों के लिए मटियामहल बाजार दिल्ली-एनसीआर में मशहूर है। यही कारण है कि यहां पर शनिवार व रविवार के दिन दूर-दूर से लोग खाने के लिए पहुंचते हैं।
समय : 12.35 बजे
नई सड़क
पुरानी दिल्ली के सबसे व्यस्त सड़कों में मशहूर नई सड़क पर भी सन्नाटा हावी था। दुकानों के गिरे हुए शटर व दूर-दूर तक खाली सड़क जनता कर्फ्यू का समर्थन कर रही थीं। कुछ दुकानों के बाहर बैठे मजदूर भी दुकानें बंद होने से सो रहे थे। आमतौर पर इस सड़क पर पैदल चलने तक के लिए जगह नहीं मिलती है।
समय : 1.20 बजे
सरोजनी नगर मार्केट
सरोजनी नगर मार्केट में भी रेहड़ी पटरी वालों से लेकर दुकानें बंद रही। यहां पर लोगों की आवाजाही नहीं देखने को मिली। सरोजनी नगर मिनी मार्केट के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने कहा कि कोरोना को देखते हुए पहले ही मार्केट को बंद कर दिया था। वहीं, जो भी सरकारी निर्देश होगा हम उसका पालन करेंगे।