साहिबाबाद और गाजियाबाद के बीच दो रेल लाइनों के सिग्नल रविवार शाम फेल हो गए। इसकी वजह से ट्रेनें जहां की तहां खड़ी हो गईं।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक रविवार शाम 6:35 बजे अप लाइनों के सिग्नल में तकनीकी खामी आ गई। एक साथ दो लाइनों के सिग्नल बंद हो जाने से गाजियाबाद और साहिबाबाद के बीच ट्रेनों के चक्के थम गए।
इसका असर नई दिल्ली और दिल्ली से चलकर कानपुर, मुरादाबाद और मेरठ की ओर जाने वाली ट्रेनों के साथ-साथ दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों पर भी पड़ा।
सिग्नल फेल होने से फैजाबाद एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, प्रयागराज, गोल्डन टेंपल, ऊंचाहार, लखनऊ शताब्दी, नार्थ ईस्ट, सीमांचल समेत 60 से ज्यादा ट्रेनें गाजियाबाद और दिल्ली के बीच थम गई।
रेलवे पीआरओ एएस नेगी ने बताया कि तकनीकी कमी की वजह से खराब हुए सभी सिग्नलों को ठीक करने में रेलवे के इंजीनियर लगे हुए हैं।
देर रात तक सिग्नल ठीक नहीं हो सके थे। उन्होंने बताया कि सिग्नल खराब होने से फंसी ट्रेनों को बाकी बची दो लाइनों से एक-एक कर निकाला गया।
प्रभावित होने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनें
सहारनपुर पैसेंजर, फैजाबाद, प्रयागराज, पुरुषोत्तम, उत्कल, गोल्डन टेंपल, ऊंचाहार (अप और डाउन), लखनऊ शताब्दी, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, वैशाली, लोकल ईएमयू ट्रेनें प्रभावित रहीं।
कड़ाके की ठंड में ठिठुरते रेलवे स्टेशन पर बीती रात
हाड़ कंपाने वाली ठंड में जहां लोग घरों में दुबके हुए थे वही रेल यात्री सिग्नल फेल होने से फंसीं ट्रेनों का देर रात तक इंतजार करते रहे। महिलाएं और बच्चे ठंड में ठिठुरते रहे।
लेट होती ट्रेनों की जानकारी के लिए यात्री कभी इंक्वायरी काउंटर पर जाते तो कभी प्लेटफार्म पर, लेकिन रेलवे अधिकारी भी सिग्नल खराब होने की वजह से उन्हें ट्रेन आने की सटीक जानकारी नहीं दे पा रहे थे। यात्री न घर जा सके और न समय पर ट्रेन में सवार हो सके।
लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ-साथ लोकल ट्रेनें भी सिग्नल खराब होने की वजह से आउटर पर फंसी रही। अलीगढ़ और खुर्जा से डेली दिल्ली आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोग भी ट्रेनों में फंस गए।
दिल्ली-अलीगढ़ ईएमयू (64102) और दिल्ली-खुर्जा ईएमयू (64108) भी कई घंटे आउटर पर खड़ी रही। इनके अलावा लंबी दूरी की ट्रेनों के यात्री भी गाजियाबाद के प्लेटफार्म नंबर-1 और 2 पर इंतजार करते रहे।