गांव मकसूदपुर में बृहस्पतिवार को संपत्ति विवाद में हुई किसान नंदकिशोर उर्फ नन्नू की हत्या और पत्नी पर हमले को लेकर शुक्रवार परिजनों व ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने थाने के गेट पर शव रखकर हंगामा और तोड़फोड़ करके थानेदार राजवीर सिंह चौहान पर आरोप लगाया कि समय रहते कार्रवाई की जाती तो हत्या नहीं होती।
लोगों ने थानेदार पर कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक दाह संस्कार से इंकार कर दिया। सीओ जेवर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया और थानेदार को लाइन हाजिर करने की जानकारी दी। इसके बाद ही ग्रामीणों ने दाह संस्कार किया। पुलिस ने मामले में किसान के दो भाई व एक भाई के परिवार के नौ पर रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, गांव मकसूदपुर निवासी तीन भाई बृजेश, राममूर्ति व नंदकिशोर में काफी समय से जमीनी विवाद चल रहा है। कई बार मारपीट व पथराव जैसी घटना हो चुकी थी। बार-बार पुलिस से शिकायत के बावजूद भी कोई कारवाई नहीं होने पर विवाद इतना बढ़ गया कि नंदकिशोर की हत्या और उसकी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया।
नंदकिशोर की बेटी रीशू त्यागी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि बृहस्पतिवार शाम करीब 5 बजे उसके पिता घर पर बैठे थे। इसी दौरान उसके ताऊ राममूर्ति, बृजेश इनके बेटे योगेश, कपिल, पत्नी सविता, बेटी अनु, पूजा, दामाद राहुल व पड़ोसी सुरेंद्र लाठी-डंडे, फरसा आदि लेकर आए हमला कर दिया। बचाव में आई मां रजनी और उस पर भी हमला किया गया।
थानेदार के लाइन हाजिर करने पर ही माने
रीशु ने आरोप लगाया है कि दो माह पूर्व भी इसी प्रकार विवाद हुआ था। इसमें दूसरे पक्ष की तरफ से पथराव व फायरिंग की गई थी। घटना को मोबाइल में रिकार्ड कर पुलिस को दिखाया गया था और कार्रवाई व जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ कर मामले को गंभीरता से नहीं लिया और पीड़ित परिवार पर धमकी देते हुए समझौते का दबाव बनाकर मामला रफा-दफा कर दिया।
आक्रोश देख थाने से भागे पुलिसकर्मी
घटना से आक्रोशित लगभग 300 ग्रामीणों व महिलाओं ने शव थाने के गेट पर रखकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों को आक्रोश को देखकर थाने में मौजूद पुलिस कर्मी मौके भाग गए। इसके बाद लोगों थाने में रखी कुर्सी और मेज में तोड़फोड़।
लोगों ने कोतवाली प्रभारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। उधर, भाकियू भानू महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष गीता भाटी, सीमा भाटी, राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष करण ठाकुर एवं अन्य किसान संगठनों के दर्जनों लोग कोतवाली पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
ग्रामीणों के हंगामे की सूचना पर सीओ जेवर शरद चंद्र शर्मा मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन थानेदार राजवीर चौहान पर कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। पूरे मामले की रिपोर्ट सीओ जेवर ने एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा को दी। इसके बाद थानेदार राजवीर चौहान को लाइन हाजिर कर दिया गया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीण वापस लौटे।