अक्षरधाम के स्वामी अक्षर चिंतन ने बताया कि श्री राम के जीवन से प्रेरित लीला का मंचन करने से ही समाज में और युवा पीढ़ी में संस्कार आगे जाते हैं। इसलिए रामलीला मंचन और ऐसी अन्य कथाओं का मंचन आवश्यक है।
श्री धार्मिक रामलीला कमेटी ने 8 सितंबर 2024 को भूमि पूजन कर श्री रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आचार्य विक्रमादित्य भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति एक पूर्णतः वैज्ञानिक संस्कृति है, उदाहरण के लिए श्री गणेश जी के द्वारा प्रतिपादित सफलता के सूत्र समझाए।
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अक्षरधाम के स्वामी अक्षर चिंतन ने बताया कि श्री राम के जीवन से प्रेरित लीला का मंचन करने से ही समाज में और युवा पीढ़ी में संस्कार आगे जाते हैं। इसलिए रामलीला मंचन और ऐसी अन्य कथाओं का मंचन आवश्यक है। स्वामी निर्मल पुरुष की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। तितिक्षा ड्रामेटिक आर्ट्स के द्वारा अभिनय प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर समाज के गणमान्य लोग भी व्यक्ति उपस्थित रहे। मंच संचालन बृज बिहारी गुप्ता और श्रीमती वंदना गुप्ता ने किया। श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राम प्रकाश अग्रवाल अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।