संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने श्रद्धा वालकर हत्याकांड में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को ट्रायल के दौरान अपने वकील के पास बैठने से रोकने की मांग वाली याचिका खारिज की है। अदालत ने कहा कि आरोपी को कोर्ट में ऐसी जगह बैठने से नहीं रोका जा सकता, जहां वह अपने वकील से आसानी से बातचीत कर सके। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हर गुरवरिंदर सिंह जग्गी ने यह आदेश शिकायतकर्ता के वकील की उस आपत्ति पर दिया, जिसमें आफताब के बचाव पक्ष के वकीलों की मेज के पास बैठने पर सवाल उठाया गया था। अदालत ने कहा कि ट्रायल के दौरान आफताब को पुलिस सुरक्षा के साथ बचाव पक्ष के वकील के पीछे या उनके करीब बैठने की अनुमति दी गई है, ताकि वह अपने वकीलों से जरूरत के अनुसार बातचीत कर सकें और सुनवाई सुचारू रूप से चल सके। कोर्ट के अनुसार, गंभीर अपराध के आरोपी व्यक्ति को भी कानून के तहत अधिकार मिले हैं। जब तक किसी व्यक्ति का अपराध साबित नहीं हो जाता, तब तक उसे निर्दोष माना जाता है और उसे निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी को अपने वकील से प्रभावी बातचीत के लिए उनके पास बैठने की सुविधा देना कानूनी अधिकारों का हिस्सा है। अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि आमतौर पर आरोपी को ट्रायल के दौरान बैठे रहने की अनुमति होती है, केवल जरूरत पड़ने पर ही उसे खड़ा किया जा सकता है।