डूटा ने जताई आपत्ति, प्रिंसिपल के आश्वासन के विपरीत नोटिस जारी करने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने हिंदू कॉलेज में शिक्षकों को जारी कारण बताओ नोटिस पर आपत्ति जताई है। यह नोटिस सात सितंबर को हुई गवर्निंग बॉडी की बैठक से संबंधित है। डूटा ने कॉलेज प्रशासन से इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की है।
विश्वविद्यालय ने तीन शिक्षकों को अनुशासनहीनता और आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में नोटिस जारी किए थे। डूटा के अनुसार, हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन ने यह मामला उठाया था। इसके बाद डूटा प्रतिनिधियों ने कॉलेज के प्रिंसिपल से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने पूरे प्रकरण पर चर्चा की थी। बैठक में प्रिंसिपल ने स्पष्ट आश्वासन दिया था कि सात सितंबर की गवर्निंग बॉडी बैठक के संबंध में किसी भी शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। इस आश्वासन के आधार पर डूटा ने स्टाफ एसोसिएशन को सूचित किया था कि मामला सुलझ गया है।
डूटा का कहना है कि आश्वासन के विपरीत नोटिस जारी करना संस्थागत भरोसे का उल्लंघन है। संगठन ने मांग की है कि सभी कारण बताओ नोटिस तुरंत वापस लिए जाएं। साथ ही, सात सितंबर की बैठक से जुड़े मामले में संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए।