स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली पुलिस के वायरलेस सिस्टम के ठप होने के बाद अब दिल्ली पुलिस के वाहनों के पहिये थमने का मामला उजागर हुआ है। दिल्ली पुलिस के सभी वाहनों के पहिये तीन दिन तक थमे रहे। दिल्ली पुलिस के पंप पर पेट्रोल/डीजल खत्म हो गया था। इससे पुलिस अधिकारियों व थानाध्यक्षों को अपनी जेब से पैसे खर्च कर वाहनों में पेट्रोल/डीजल डलवाना पड़े।
यहां तक कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की सुरक्षा काफिले की पायलट गाड़ी में तैनात दिल्ली पुलिस के हवलदार ने 100 नंबर पर कॉल भी कर दी थी। बताया जा रहा है कि समय से पेमेंट नहीं मिलने से कंपनी दिल्ली पुलिस के पेट्रोल पंप को पेट्रोल सप्लाई रोक दी थी।
दिल्ली पुलिस का वायरलैस सिस्टम 15 अगस्त के समय एक सप्ताह के लिए ठप हो गया था। ऐसे में पुलिस के सामने कानून व्यवस्था को संभालने की चुनौती खड़ी हो गई थी। दिल्ली पुलिस मुख्यालय में बैठने वाले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि 27 अगस्त से लेकर 30 अगस्त की सुबह तक दिल्ली पुलिस के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल खत्म हो गया था।
दिल्ली पुलिस के किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल नहीं मिल रहा था। हालत ये हो गए थे कि कुछ वाहनों में पहले से पेट्रोल था तो उन्हें बहुत कम चलाया जा रहा था। जरूरी होने की वजह से कुछ थानाध्यक्षों ने जेब से अपनी गाड़ियों में पेट्रोल डलवाया।
दिल्ली पुलिस की पेट्रोल पंप पर पेट्रोल व डीजल खत्म होने की बात गलत है। एनपीएल में पेट्रोल पंप पर पेट्रोल व डीजल खत्म नहीं हुआ था। किसी स्टाफ को कोई परेशानी हुई होगी। इस तरह का कोई मामला नहीं है। -गौरव शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर्म्स पुलिस, दिल्ली पुलिस
मामले की जांच के दिए गए आदेश
पेट्रोल/डीजल नहीं मिलने की वजह से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के काफिले की एस्कॉर्ट कार में तैनात दिल्ली पुलिस कर्मी ने 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर 100 नंबर पर पीसीआर कॉल कर पेट्रोल व डीजल नहीं मिलने की सूचना दी।
इस मामले में नई दिल्ली के पुलिस स्टेशन में डीडी एंट्री (नंबर-13) की भी गई है। परेशान होकर सुरक्षा में तैनात ये पुलिसकर्मी वापस चला गया था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
पेमेंट नहीं होने की वजह से सप्लाई रोकी गई
दक्षिण दिल्ली में स्थित दिल्ली पुलिस के एक पेट्रोल पंप पर तैनात पुलिसकर्मी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के पेट्रोल पंप पर तीन पेट्रोल-डीजल नहीं आया था। बताया गया कि ऑयल कंपनी को समय से पेमेंट नहीं होने की वजह से सप्लाई रोक दी गई थी। ये बताया जा रहा है कि ये पेमेंट कहीं और दे दी गई थी। इसे पुलिस मुख्यालय से बाहर बैठने वाले पुलिस अधिकारियों की लापरवाही बताया जा रहा है।