यह खींचने से खिंचती नहीं हैं। इसे कागज की तरह फाड़ा जा सकता है। एक बार प्रयोग करने के बाद इसका दोबारा प्रयोग नहीं किया जा सकता है। सड़क किनारे फेंकने या कहीं भी डालने पर यह स्वत: ही नष्ट हो जाती है। इसके प्रयोग से अन्य पॉलीथिन से होने वाले रोगों से बचा जा सकता है।
किराए पर मिल रहे थैले
पॉलीथिन पर प्रतिबंध ने कुछ दुकानदारों की चांदी कर दी है। इसमें सबसे ज्यादा सब्जी व फल विक्रेता हैं। इन्होंने किराए पर थैले देने का बिजनेस शुरू कर दिया है। दरअसल, इनकी दुकान पर आए ग्राहक यदि सब्जी खरीदते हैं और साथ में बैग नहीं लाए तो दुकानदार प्रति थैला 10 रुपये सिक्योरिटी के रूप में इनसे ले रहे हैं। थैला वापस करने पर 10 रुपये वापस कर दिया जा रहा है। यदि ग्राहक को थैला घर ले जाना है तो उसे 8 रुपये अतिरिक्त देना होगा।
नोएडा शॉपकीपर वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री पीयूष मोहन ने कहा कि हर तरीके की पॉलीथिन पर पर प्रतिबंध होना चाहिए। आदेश बहुत अच्छा है, व्यापारी भी साथ देना चाहते हैं। लेकिन, इसका पालन करने के लिए प्राधिकरण को कड़ा रुख अपनाना चाहिए।