तावड़ू में पिछले कुछ दिनों से दुकानदार एंव व्यापारियों द्वारा दस रुपये के सिक्कों को लेने से मना करने से खुलेआम भारतीय मुद्रा का अपमान किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को सामने आया है। जिसकी कई लोगों द्वारा चौकी प्रभारी व एसबीआई बैंक मनैजर तावडू से इस सबन्ध में शिकायत की गई है।
मनैजर ने कहा की यह भारतीय मुद्रा एवं सरकार के आदेशों की अवहेलना है। मनैजर ने चेतावनी देते हुए कहा की मना ऐसे लोगों के विरूद्व कड़ी कार्रवाई की जायेगी। मनैजर ने चौकी प्रभारी को इस मामले की शिकायत कर ऐसे दुकानदारों के विरूद्व कार्रवाई की फरियाद की है।
एसबीआई के मैनेजर योगेश कुमार तावडू ने बताया की शुक्रवार को कैश की कमी के चलते कुछ उपभोक्ताओं को दस दस रूपये के दो हजार सिक्के दिए गए थे। जिन्हें दुकानदारों ने लेने से इंकार कर दिया। जिसकी शिकायत परेशान लोगों ने उनसे की। मामला सज्ञान में आने के बाद मनैजर ने चौकी प्रभारी को शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
मनैजर का कहना है की यह भारतीय मुद्रा का अपमान एंव दण्ड़नीय अपराध है। उन्होंने बताया की एक ,दो ,पाँच और दस के सिक्के चलन से बाहर नहीं है। भारतीय मुद्रा अधिनियम के तहत दस रुपए का सिक्का मान्य है। कोई लेने में आनाकानी करता है, तो तत्काल उसकी शिकायत बैंक या पुलिस को दें ताकि कानूनी कार्रवाई हो सके।
आमिर व मुनाशिफ आदि उपभोक्तओं ने दो हजार के सिक्के दिखाते हुए कहा की एसबीआई से उन्हें शुक्रवार को दस दस रूपये के दो हजार रूपये के सिक्के दिए गए। जब वह बाजार में दुकानदारों को उन्हें देने लगे तो वह आनाकानी करने लगे। परेशान लोगों ने बैंक मनैजर को इस स्थिति से अवगत कराया। जिसके बाद परेशान लोग उनको चलाये पाए।
चौकी प्रभारी रोहतास कुमार तावडू से बात हुए तो उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक मैनेजर की तरफ उन्हें दुकानदारों द्वारा सिक्के नहीं लेने की शिकायत मिली है। यह भारतीय रिजर्व बैंक के आदेशों की खुलेआम अवहेलना है।
अगर कोई दस का सिक्का लेने से मना करता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ भारतीय मुद्रा के अपमान का मामला दर्ज किया जा सकता है। कोई सिक्के न लेने की शिकायत पुलिस में करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा की मना करने वाले लोगों को चिन्हित किया जा रहा है।