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'कॉमनवेल्थ में बेवजह बदनाम हुआ भारत'

Fri, 01 Aug 2014 10:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों को लेकर भारत को बेवजह बदनाम किया गया। व्यवस्थाओं में दिल्ली के मुकाबले ग्लासगो बहुत बदतर है।
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यह बात 50 मीटर शूटिंग में दो पदक (सिल्वर व कांस्य) जीतने वाले गगन नारंग ने शुक्रवार को मानव रचना यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कही। उन्होंने बताया कि दिल्ली शूटिंग रेंज के मुकाबले ग्लासगो की शूटिंग रेंज कहीं भी नहीं टिकती।

अनीसा को शूटिंग के लिए ये भी करना पड़ा

जिस होटल में उन्हें ठहराया गया था वहां से प्रैक्टिस की जगह काफी दूर थी। यह जगह शूटिंग के लिए अस्थाई थी। जिस कारण तैयारियों को लेकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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इससे पहले पदक विजेता का ढोल नंगाड़ों के साथ विद्यार्थियों ने स्वागत किया। इस दौरान चांसलर डॉ. प्रशांत भल्ला, उपाध्यक्ष डॉ. अमित भल्ला, कुलपति एनसी वाधवा, प्रो वाइस चांसलर डॉ. वीके मेहता, एमएम कथुरिया ने फूल मालाओं से लादकर विजेता को सम्मानित किया। इस मौके पर शूटर विजय कुमार भी मौजूद थे।

चुनाव में दिखेगा अनीसा की अनदेखी असर

नारंग ने बताया कि प्रतियोगिता को लेकर उन्होंने काफी मेहतन की थी। जिसका परिणाम आज देश के सामने है। पहली बार 50 मीटर प्रोन प्रतियोगिता में शिरकत की थी। जिसमें सिल्वर मेडल हासिल हुआ है। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ी के पास कुछ भी सोचने का समय नहीं होता है। क्योंकि 8, 6 व 4 सेकेंड में अलग-अलग लक्ष्य पर पांच-पांच निशाने साधने होते हैं। ऐसे में कुछ प्वाइंट की चूक से पदक का कलर चेंज हो गया।
 
उन्होंने कहा कि ओलंपिक व एशियन गेम्स को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। जूनियर खिलाड़ियों को और अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता है, तभी हम देश के लिए मेडल हासिल कर सकते हैं। पत्रकारों से बातचीत में नारंग के साथ आए उनके सहयोगी विजय कुमार ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता शुरू होने से पहले वह चोट के शिकार हो गए थे इसलिए प्रदर्शन बेहतर नहीं हो पाया।
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नारंग ने अनीसा सैय्यद की हरियाणा सरकार की ओर से उपेक्षा के मामले को लेकर भी बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी का काम केवल अपने लक्ष्य को साधना होना चाहिए। यह काम अनीसा ने बखूबी निभाया है। अब बाकी कार्य सरकार का है। उसे अपना कार्य करना चाहिए।
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