स्पेशल सेल में तैनात एसीपी ललित मोहन नेगी की टीम ने आरोपी नौशाद व जगजीत उर्फ जग्गा को 14 जनवरी को जहांगीरपुरी इलाके से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दोनों को पुलिस रिमांड पर ले रखा है। जगजीत ने पूछताछ में खुलासा किया है कि सऊदी अरब में बैठे बंबीहा गिरोह के गैंगस्टर हरप्रीत उर्फ हनी ने उसे वहां का मोबाइल नंबर दिया था। इस मोबाइल नंबर से जग्गा पाकिस्तान में बैठे लश्कर ए तैयबा के आतंकी सौहेल से बात करता था।
आरोपी ने बताया कि वह कनाडा में बैठे खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप उर्फ डल्ला से भी इसी मोबाइल नंबर से बात करता था। वह ज्यादातर सिग्नल एप से बात करता था। पाकिस्तान में बैठे आतंकी सौहेल ने जगजीत को भारत में युवकों को जेहादी बनाने के लिए कार्यक्रम शुरू करने के लिए कहा था। इसके एवज में पैसे देने का लालच दिया था। सौहेल ने आरोपी को पंजाब में हिंदू नेताओं की हत्या का भी आदेश दिया था।
हल्द्वानी जेल में पढ़ी थीं खालिस्तान समर्थकों पर लिखी पुस्तकें
जगजीत सिंह हल्द्वानी जेल में बंद था। जेल में वह बलजिंदर सिंह बल्ली से मिला था। उसने उसे खालिस्तानी समर्थकों पर लिखी गई दो पुस्तकें दी थी। ये पुस्तकें मनिंदर सिंह बज्जा की लिखी हुई है। इस पुस्तकों को पढ़कर जगजीत हार्डकोर खालिस्तानी समर्थक बन गया था। जेल में वह बंबीहा गिरोह के गैंगस्टर फतेह नागरी, अमर सरपंच और भल्ला सेखोन के संपर्क में आया। फतेह नागरी बंबीहा गिरोह में नंबर दो पर है। इन लोगों ने जगजीत को बंबीहा गिरोह की कार्यशैली के बारे में बताया था। बंबीहा गिरोह के जरिए व अर्शदीप के संपर्क में आया।
कई देशों में बैठे गैंगस्टरों के संपर्क में था
जगजीत सिंह बंबीहा गिरोह के कई बड़े गैंगस्टरों के संपर्क में था। वह जर्मनी में बैठे खालिस्तानी आतंकी प्रर्बप्रीत सिंह व शोकेर, कनाडा में बैठे अर्शदीप, सऊदी अरब में बैठे हनी गुरदासपुरिया, इटली में बैठे बॉबी, पाकिस्तान में बैठे सौहेल और कनाड़ा में बैठे गुरपंत सिंह पन्नू के संपर्क में था। ये सोशल मीडिया के जरिए इनसे बात करता था। इसके फेसबुक पर तीन, व्हाट्सएप व सिग्नल एप पर एक-एक एकाउंट बना हुआ था। ये ज्यादातर सिग्नल एप से ही बात करता था। इसकी फेसबुक पर कप्तानसाहब (हिंदी), कप्तानकप्तान(पंजाबी), सासूजाट अमरितसारिया (पंजाबी) और शेरा खूबी के नाम से आईडी बनी हुई थीं।