महाशिवरात्रि के मद्देनजर मंदिरों में जलाभिषेक की तैयारी तेज कर दी गई हैं। एक दिन पहले मंदिरों में सफाई से लेकर सुरक्षा तक के इंतजाम पुख्ता कर लिए गए हैं।
शहर के मंदिरों में सुबह से ही रुद्राभिषेक अनुष्ठान का आयोजन होगा। सेक्टर-10 ए स्थित राधा कृष्ण मंदिर, सदर बाजार स्थित प्राचीन मंदिर, सिविल लाइंस स्थित शिव व हनुमान, सिद्धेश्वर, भूतेश्वर मंदिर सहित कई शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि को लेकर विशेष तैयारी की गई है।
मंदिर के बाहर बेलपत्र, फूल आदि की भी व्यवस्था होगी। वहीं कालोनी के अंदर बने मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। पं. बिजेंद्र द्विवेदी ने कहा कि सोमवार को सूर्योदय से लेकर रात तक मुहूर्त है। इस बीच दुग्ध अभिषेक, रुद्राभिषेक, जल अभिषेक किया जा सकता है। वहीं शहर में पूजा अर्चना के साथ ही जगह-जगह भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
शिवरात्रि की पूजन विधि
शिवरात्रि के दौरान शिवभक्त उपवास रखकर भगवान शंकर की आराधना करते हैं। इस दिन शिव मंदिरों में जल, दूध, बेलपत्र, धतूरे के पुष्प, चावल आदि शिवलिंग पर चढ़ाया जाता है। पं. अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि जो भक्त शिवरात्रि के दिन निराहार और निश्चल भाव से शिवजी की पूजा करता है, वह एक वर्ष का संपूर्ण फल मात्र शिवरात्रि पर पूजन कर प्राप्त कर लेता है।
फूलों से होगी सजावट
शहर के मंदिरों में महाशिवरात्रि के दिन सुबह चार बजे से पूजा शुरू होगी। मंदिरों को अशोक के पत्तों के साथ ही गेंदे के फूलों से सजाया जाएगा। वहीं सुबह से शाम तक भजन-कीर्तन का भी दौर जारी रहेगा।