दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल लोक सभा चुनाव अभियान को धार देने के लिए आंदोलन के रास्ते पर हैं। एक मार्च से दिल्लीवालों को संगठित करने के मकसद से वह अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठेंगे।
इसी मौके पर आप का दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का आंदोलन भी शुरू होगा। केजरीवाल का दावा है कि पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
केजरीवाल के धरने को लेकर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि संसद सत्र बुलाकर ही दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जा सकता है। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि वह क्यों ऐसा कर रहे हैं।
केजरीवाल ने शनिवार को दिल्ली विधानसभा में इसका एलान किया। वह सदन में नियम 55 के तहत चल रही अल्पकालिक चर्चा के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने दिल्ली की सभी समस्याओं के मूल में दिल्ली का पूर्ण राज्य न होने की बात कही। साथ ही दोहराया कि बीते 70 सालों से दिल्ली में जनतंत्र लागू नहीं हो सका है।
दिल्लीवालों के वोट की कीमत दूसरे राज्यों जैसी नहीं है। भाजपा व कांग्रेस का वादा याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि हर चुनाव से पहले दोनों पार्टियां दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने की वादा करती हैं, लेकिन सत्ता हासिल करते ही भूल जाती हैं। इसे दिल्लीवालों के साथ धोखा करार देते हुए केजरीवाल ने कहा कि आज जब आम आदमी पार्टी ने इस मसले का उठाया तो दोनों दल इसका विरोध कर रहे हैं।